Maharashtra MLC Election Update: महाराष्ट्र में विधानसभा उपचुनाव के परिणाम आने से पहले शिवसेना (शिंदे गुट) के भीतर उम्मीदवारों को लेकर असंतोष और मतभेद देखने को मिल रहा है। बता दें, कि 4 मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद 12 मई को विधान परिषद की 9 सीटों के लिए चुनाव होना है। ऐसे में पार्टी प्रमुख और राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) द्वारा सुझाए गए नामों पर कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई है।शिवसेना की ओर से विधान परिषद के लिए उपसभापति नीलम गोरे (Neelam Gorhe) का नाम सामने आया है, लेकिन पार्टी के अंदर ही इसका विरोध हो रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कई नेताओं का मानना है कि गोरे को पहले ही चार बार विधान परिषद भेजा जा चुका है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब नए चेहरों को मौका मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि पिछले दो दशकों से अधिक समय तक परिषद में रहने के बावजूद गोरे ने संगठन को मजबूत करने के लिए कोई खास काम नहीं किया। साथ ही उनकी उम्र को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे पार्टी में बदलाव की मांग और तेज हो गई है।
Maharashtra MLC Election Update: बच्चू कडू की उम्मीदवारी पर भी सवाल

विधान परिषद की दूसरी सीट के लिए बच्चू कडू (Bacchu Kadu) का नाम चर्चा में है, जिन्हें शिंदे का करीबी माना जाता है। हाल ही में शिंदे और कडू के बीच मुलाकात भी हुई थी, जिससे उनके नाम को बल मिला। हालांकि, पार्टी के कई नेताओं ने इस पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कडू का शिवसेना से सीधा संबंध स्पष्ट नहीं है। कुछ नेताओं ने सुझाव दिया है कि अगर उन्हें टिकट देना ही है, तो उनकी पार्टी ‘प्रहार जनशक्ति संगठन’ का शिवसेना में विलय कराया जाए। इससे पार्टी की एकजुटता भी बनी रहेगी और विवाद भी कम होगा।
राज्यसभा चुनाव से मिला अलग संदेश
हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में शिंदे ने सभी को चौंकाते हुए पार्टी प्रवक्ता प्रो. ज्योति वाघमारे को उम्मीदवार बनाया था। यह फैसला इस बात का संकेत माना गया कि अब पार्टी में मेहनत और सक्रियता को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी वजह से अब कई कार्यकर्ता उम्मीद कर रहे हैं कि विधान परिषद चुनाव में भी नए और सक्रिय चेहरों को मौका मिलेगा। लेकिन मौजूदा नामों को लेकर उठे विरोध ने पार्टी के भीतर असंतोष को उजागर कर दिया है।
शिंदे गुट के पास विधानसभा में 57 विधायक हैं, जबकि विधान परिषद चुनाव जीतने के लिए 28 वोटों की जरूरत होती है। ऐसे में यदि चुनाव होता भी है, तो इन दोनों सीटों पर पार्टी की जीत लगभग तय मानी जा रही है। फिर भी उम्मीदवार चयन को लेकर हो रही खींचतान से साफ है कि पार्टी के अंदर संतुलन बनाए रखना शिंदे के लिए चुनौती बन गया है।
Maharashtra MLC Election Update: नामांकन की समयसीमा और बढ़ता दबाव

विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल तय की गई है। ऐसे में एकनाथ शिंदे के पास फैसला लेने के लिए बहुत कम समय बचा है। पार्टी में सैकड़ों कार्यकर्ता टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जिससे दबाव और बढ़ गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शिंदे पुराने चेहरों पर भरोसा जताते हैं या नए उम्मीदवारों को मौका देकर संगठन में नया संदेश देने की कोशिश करते हैं।


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