‘अग्निपथ’ जरिए अपना ‘सशस्त्र’ कैडर आधार बनाने की कोशिश कर रही है BJP, ममता बनर्जी का आरोप

Summary :

ममता बनर्जी का कहना है कि ‘अग्निपथ’ के जरिए बीजेपी अपना “सशस्त्र” कैडर आधार बनाने की कोशिश कर रही है।

केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अग्निपथ को लेकर बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ‘अग्निपथ’ के जरिए बीजेपी अपना ‘‘सशस्त्र’’ कैडर आधार बनाने की कोशिश कर रही है।
अग्निपथ सशस्त्र बलों का अपमान करार देते हुए ममता ने इस बात पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या बीजेपी की योजना चार साल की सेवा अवधि के बाद इन ‘‘अग्निवीर’’ सैनिकों को अपने पार्टी कार्यालयों में ‘‘चौकीदार’’ के रूप में तैनात करने की है।

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तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने विधानसभा में कहा, ‘‘बीजेपी इस योजना के तहत अपना सशस्त्र कैडर आधार बनाने की कोशिश कर रही है। वे चार साल बाद क्या करेंगे? पार्टी युवकों के हाथ में हथियार देना चाहती है।’’ ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी , 2024 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव से पहले लोगों को ‘अग्निपथ’ जैसी योजनाओं के जरिए बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अब वे देश के लोगों को इन योजनाओं के जरिए बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे है।’’ इसके बाद, मुख्यमंत्री ममता की टिप्पणी के विरोध में बीजेपी के विधायकों ने विधानसभा से बर्हिगमन किया।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने 14 जून को ‘अग्निपथ योजना’ की घोषणा की जिसके तहत साढ़े 17 साल से 21 साल तक के युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाएगा और उनमें से 25 फीसदी सैनिकों को अगले 15 और साल के लिए सेना में रखा जाएगा। हालांकि बाद में सरकार ने 2022 में भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा को बढ़ाकर 23 साल कर दिया। इस नयी योजना के तहत भर्ती रंगरूटों को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा।

Desk Team