पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के मौके पर लोगों से बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से अपील की कि वे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित रवींद्रनाथ टैगोर की सोच और उनके दर्शन को संरक्षित रखें।
टैगोर ने शांतिनिकेतन में स्थित विश्व-भारती की 1921 में स्थापना की थी। संसद के एक कानून के बाद संस्थान को 1951 में केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया था।
“বিশ্বসাথে যোগে যেথায় বিহারো, সেইখানে যোগ তোমার সাথে আমারো”
Visva Bharati University turns 100. This temple of learning was Rabindranath Tagore’s greatest experiment on creating the ideal human being. We must preserve the vision and philosophy of this great visionary
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) December 24, 2020
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘विश्व भारती विश्वविद्यालय की स्थापना को 100 साल पूरे हो गए। शिक्षा का यह मंदिर समाज को आदर्श मनुष्य देने के लिए रवींद्रनाथ टैगोर का सबसे बड़ा प्रयोग था। हमें इस महान दूरदर्शी की सोच और दर्शन को संरक्षित रखना चाहिए।’’


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