मानवाधिकार दिवस पर ममता का ट्वीट, इनदिनों लोकतंत्र को कुचलने का चलन

Summary :

ममता बनर्जी ने कहा, “आज मानवाधिकार दिवस है। आजकल लोकतंत्र को कुचलने, मौलिक अधिकारों और लोगों की आवाज दबाने का एक बड़ा चलन है।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मानवाधिकार दिवस पर कहा कि इनदिनों लोकतंत्र और लोगों के मौलिक अधिकारों को लगातार कुचला जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा, उनकी सरकार लोगों के मानवाधिकारों को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। 
बनर्जी ने ट्वीट किया, “आज मानवाधिकार दिवस है। आजकल लोकतंत्र को कुचलने, मौलिक अधिकारों और लोगों की आवाज दबाने का एक बड़ा चलन है। हमारी सरकार मानवाधिकारों को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बंगाल में पिछले साढ़े नौ साल में 19 मानवाधिकार अदालतें स्थापित की हैं। 


मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “मेरी ओर से बार-बार विरोध और आंदोलनों के बाद, पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग की स्थापना 1995 में की गई थी।” 

Desk Team