मणिपुर सरकार ने राज्य के हिंसा प्रभावित छह जिलों में शांति कायम रखने और जनता का विश्वास बहाल करने के लिए असम राइफल्स से मदद मांगी है। इंफाल पश्चिम के जिला मजिस्ट्रेट ने बृहस्पतिवार को कानून व्यवस्था के उल्लंघन की खबरों, खासतौर पर भीड़ हिंसा की घटनाओं का उल्लेख किया।
Highlights
- हालात जिला प्रशासन और पुलिस के नियंत्रण से बाहर
- सुरक्षा बलों ने उनकी रिहाई कराई
- कानून व्यवस्था के उल्लंघन की खबरें
हालात जिला प्रशासन और पुलिस के नियंत्रण से बाहर
आदेश में कहा गया, ‘‘हालात जिला प्रशासन और पुलिस के नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। इसमें कहा गया है कि जिले के विभिन्न हिस्सों में 29 फरवरी से पांच मार्च तक असम राइफल्स की सेवाएं मांगी गई हैं। इससे पहले बुधवार रात को इंफाल पश्चिम में हजारों महिलाओं ने मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार और कुकी उग्रवादी समूहों के बीच ‘अभियानों का निलंबन’ (एसओओ) समझौते को समाप्त करने की मांग की।
सुरक्षा बलों ने उनकी रिहाई कराई
करीब 200 हथियारबंद लोगों ने 27 फरवरी को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम अमित सिंह के वांगखेई स्थित आवास में गोली चलाईं और तोड़फोड़ की थी। उन्होंने इसके बाद सिंह को अपहृत कर लिया और सुरक्षा बलों ने उनकी रिहाई कराई। अधिकारियों ने कहा कि बिगड़ते हालात के मद्देनजर बिष्णुपुर, थौबल, चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जैसे अन्य जिलों ने भी शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए असम राइफल्स की तैनाती की मांग की है।


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