केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने झारखंड में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण में कथित अनियमितता संबंधी खबर की पृष्ठभूमि में मंगलवार को कहा कि उनके मंत्रालय ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है। दरअसल, एक अखबार की खबर में कहा गया है कि झारखंड में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति में कथित अनियमितता हुई।
छात्रवृत्ति छात्रों को या तो मिली ही नहीं अथवा मिली तो उसका सिर्फ कुछ हिस्सा ही उन्हें प्राप्त हुआ। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से इस छात्रवृत्ति के लिए राशि प्रदान की जाती है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है।
नकवी ने इस बारे में कहा कि इस मामले में जांच का आदेश दे दिया गया है। उनके मुताबिक, छात्रवृत्ति से संबंधित प्रक्रिया बहुत पारदर्शी है और लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से पैसे भेजे जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रक्रिया का सत्यापन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है और इस मामले में झारखंड सरकार जांच कर रही है।


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