कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के बावजूद यहां सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने से परहेज करने वाले 250 से ज्यादा लोगों को पिछले पांच दिनों में जेल की हवा खानी पड़ी है। जेल विभाग के एक आला अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय जेल के अधीक्षक राकेश कुमार भांगरे ने बताया कि प्रशासन के आदेश पर स्नेहलतागंज क्षेत्र में एक समुदाय के गेस्ट हाउस को अस्थायी जेल बनाया गया है। इस जेल में एक वक्त में 300 लोगों को रखने की क्षमता है।
उन्होंने बताया, ‘‘पिछले पांच दिनों के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों से कुल 258 लोगों को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 151 (संज्ञेय अपराध घटित होने से रोकने के लिए की जाने एहतियातन गिरफ्तारी) के तहत अस्थायी जेल लाया गया है। ये लोग सार्वजनिक स्थलों पर बिना मास्क पहने घूम रहे थे।’’
भांगरे ने बताया कि मास्क से परहेज पर अस्थायी जेल पहुंचने वाले लोगों को आमतौर पर तीन घंटे बाद रिहा किया जा रहा है। इससे पहले, उनसे मुचलका भरवाया जा रहा है कि आइंदा वे कोविड-19 से बचाव के तमाम दिशा-निर्देश मानेंगे। उन्होंने बताया कि अस्थायी जेल में 15 कर्मचारियों की तैनाती की गई है और कैदियों पर निगाह रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि इंदौर, सूबे में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है जहां महामारी के मरीजों की तादाद नित नये रिकॉर्ड बना रही है। अधिकारियों के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में महामारी के 805 नये मरीज मिले जो दैनिक स्तर पर इसके मामलों का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 74,029 मरीज मिले हैं। इनमें से 977 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।


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