कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के जम्मू-कश्मीर से जुड़े ट्वीट को लेकर बीजेपी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने भी चिदंबरम के बयान पर रोष जताते हुए कांग्रेस के नेतृत्व से मांग की है कि उन्हें इस संबंध में अपना मत स्पष्ट करना चाहिए।
दरअसल, चिदंबरम ने शनिवार को एक ट्वीट में लिखा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर के लोगों की स्थिति और अधिकारों की बहाली के लिए दृढ़ है। चिदंबरम के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। कांग्रेस नेता चिदंबरम के बयान से उस पार्टी का ‘हिडन एजेंडा’ सामने आ गया है। कांग्रेस नेता का इस तरह का बयान चीन और पाकिस्तान की भाषा की तरह है। कांग्रेस को इस पर शर्म आना चाहिए।
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मुख्यमंत्री शिवराज ने एक बयान के जरिए कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने का पूरे देश ने स्वागत किया था। देश में वर्षों का सपना साकार हुआ था, लेकिन कांग्रेस नेता की इस तरह की हरकत से अलगाववादियों को बल मिला है। शिवराज चौहान ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किसके साथ है। देश की जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।
राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट के जरिए कहा कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल करने के बारे में चिदंबरम के बयान पर अपनी राय साफतौर पर जाहिर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस अलगाववादियों के साथ है या देशभक्तों के साथ।
चिदंबरम ने कल अपने ट्वीट में लिखा है कि कांग्रेस जम्मू कश्मीर के लोगों की स्थिति और अधिकारों की बहाली के लिए दृढ़ है। मोदी सरकार द्वारा 05 अगस्त 2019 को लिए गए मनमाने और असंवैधानिक फैसलों को रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी लिखा है कि केंद्र सरकार को जम्मू कश्मीर की मुख्यधारा के दलों और लोगों को अलगाववादी या राष्ट्रविरोधी के रूप में देखना बंद करना चाहिए।


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