देशभर में कोरोना वायरस के मरीजो की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। इस बीच, मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूरों की भीड़ इकट्ठा हो गई। मजदूरों के इस तरह से इकट्ठा होने पर प्रदेश के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि मंगलवार को शहर के बांद्रा स्टेशन के बाहर एकत्र हुए सैकड़ों प्रवासी मजदूरों/कामगारों को संभवत: आशा रही होगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य की सीमाओं को खोलने का आदेश देंगे।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें (प्रवासियों का) बता दिया है कि सीमाएं नहीं खुलेंगी और स्थिति अब नियंत्रण में है। मंत्री ने कहा कि प्रवासियों को यह आश्वासन दिये जाने के बाद कि उनके रहने-खाने की व्यवस्था राज्य करेगा, भीड़ अपने-आप हट गई। देशमुख ने कहा, ‘‘मुंबई में दूसरे राज्यों से आए लाखों लोग काम करते हैं। उन्होंने आशा की थी कि प्रधानमंत्री आज सीमाएं खोल देंगे। उन्हें लगा कि वे अपने गृह राज्य वापस जा सकेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने का बहुत सही फैसला किया है। राज्यों की सीमाएं सील रहेंगी। महाराष्ट्र से दूसरे राज्यों में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’ देखमुख ने मराठी समाचार चैनल से बातचीत में बताया, ‘‘हमने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनके रहने-खाने की व्यवस्था सरकार करेगी और स्थिति अब नियंत्रण में है।’’
गौरतलब है कि महाराष्ट्र कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला राज्य है, खास कर अकेले मुंबई में ही कोरोना के मरीजों की संख्या 1 हजार के पार हो चुकी है। राज्य में मरीजों की संख्या 2,455 तक पहुंच गई है और मरने वालों का आंकड़ा 162 तक पहुंच गया है। वहीं, मुंबई में मरने वालों का आंकड़ा 100 के पार हो चुका है। इस बीच मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर प्रवासी मजदूरों का इस तरह से इकट्ठ होना प्रशासन के लिए और भी परेशानियां बढ़ा देता है।


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