कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने इस केंद्रशासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर भाजपा के अपने घोषणापत्र में चुप्पी साध लेने पर शनिवार को सवाल उठाया। नारायणसामी ने पाटी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस, द्रमुक और यहां तक कि एआईएनआरसी (जिसने भाजपा से गठजोड़ किया है) इस केंद्रशासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने की मांग करती आ रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ एक बार तो एआईएनआरसी के नेता एन रंगासामी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की थी कि यदि केंद्र पुडुचेरी को राज्य का दर्जा नहीं देता है तो वे सभी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करें।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘अब भाजपा के घोषणापत्र में राज्य का दर्जा देने पर उसके रुख का जिक्र नहीं है, तो मैं जानना चाहता हूं कि एआईएनआरसी की नीति क्या है।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा के घोषणापत्र में सालों के दौरान पुडुचेरी पर केंद्र का बना 7000 करोड़ रुपये का कर्जा भी माफ करने का वादा नहीं किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह भाजपा ने चुप्पी साधकर अपनी जनविरोधी नीतियां बेनकाब कर दी हैं। गौरतलब है कि पुडुचेरी में छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव हैं।


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