देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा बुरे हालात महाराष्ट्र के हैं। ऐसे में राकांपा नेता सुप्रिया सुले ने मंगलवार को केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से हटाने का आग्रह किया है। उन्होंने लॉकडाउन में ढील की मांग उन इलाकों के लिए की है जहां कोविड-19 का या तो बिल्कुल असर नहीं पड़ा या बहुत ही कम असर पड़ा है।
सुप्रिया सुले ने कहा कि यह उनकी निजी राय है और इस तरह का निर्णय जल्दबाज़ी में लेने के बजाय, सेना के अनुशासन की तरह सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करना चाहिए। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन आगामी तीन मई तक जारी रहेगा।
सुले ने फेसबुक के माध्यम से अपने संबोधन में कहा,‘‘लोगों की आवाजाही को रोकना आसान है। लॉकडाउन कैसे हटेगा, केंद्र को इसके बारे में कुछ दिशानिर्देश देने चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र और राज्य को चाहिए कि अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे पटरी पर लाने के लिए चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन हटाने की प्रक्रिया शुरू करें।
आपको (लोगों को) सुरक्षित रहने के साथ-साथ काम भी करना होगा।’’ राकांपा नेता ने कहा कि दुकानदारों, उद्योगों, छोटे और बड़े व्यवसायों को लॉकडाउन की मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने वर्तमान स्थिति से उबरने के लिए रास्ता तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरी निजी राय है कि लॉकडाउन हटाने का काम धीरे-धीरे शुरू होना चाहिए। किसी मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि नियमों, मानदंडों का पालन करके अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए यह जरुरी है।’’
उन्होंने कहा कि देश को हमारे काम करने की जरूरत है … घर में डर कर बैठे रहने से हमारी समस्यायों का समाधान नहीं किया जा सकता है। सुले ने कहा कि कुछ देशों मं लॉकडाउन हटने के बाद कोविड-19 के मामलों में वृद्धि देखने को मिली और महाराष्ट्र में लॉकडाउन हटने पर ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा लॉकडाउन हटाने के लिए जो निर्देश दिए जाएंगे, हमें अनुशासित ढंग से उनका पालन करना होगा।’’ राकांपा नेता ने लोगों से, अफवाहों पर ध्यान न देने तथा मौजूदा लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया।


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