आज देश के सामने कई सवाल खड़े हैं, उन सवालों का समाधान ढूंढना जरूरी है. यह बात आज (12 दिसंबर, रविवार) एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कही। एनसीपी की ओर से शरद पवार के 81 वें जन्मदिन के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम पर बोलते हुए शरद पवार ने यह आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग देश का चेहरा बदल सकता है।
शरद पवार ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य के अनुरूप खुद को ढालें। उन्होंने कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज, ज्योतिराव फुले और डॉ. बी. आर. आंबेडकर जैसे समाज सुधारकों की विचारधारा और दृष्टि भविष्य के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी। पवार के 81वें जन्मदिन पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) द्वारा यहां आयोजित एक समारोह में पवार ने कहा कि राकांपा सीमित कार्यकर्ताओं वाली छोटी पार्टी हो सकती है, लेकिन यह इस मामले में ‘‘अद्भुत’’ है कि इसके कार्यकर्ता समाज के सभी वंचित तबके को साथ लेकर चलने को प्रतिबद्ध हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘अगर समाज के एक तबके के सदस्यों को लगता है कि वे सम्मानजनक जीवन नहीं व्यतीत कर सकते हैं, तो हमें उन्हें सम्मान देना चाहिए।’’ महाराष्ट्र में उनकी पार्टी शिवसेना और कांग्रेस के साथ सरकार चला रही है।उन्होंने कहा कि राकांपा एवं अन्य दलों के कार्यकर्ताओं को बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य के अनुरूप खुद को ढालने की जरूरत है। पवार ने कहा कि तीन समाज सुधारकों — छत्रपति शाहूजी महाराज, ज्योतिराव फुले और आंबेडकर की विचारधारा एवं दर्शन उनकी पार्टी की रीढ़ है।


Download Android App
Download iOS App



