बुधवार, 21 दिसंबर को विपक्ष नेता अजित पवार ने महाराष्ट्र सरकार से नागपुर मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर और दवाओं की उपलब्धता के साथ डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती करने की मांग की है। आगे उन्होंने कहा कि, इस मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर नहीं होने के कारण एक 17 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। यह एक दुर्भाज्ञपूर्ण घटना है और यह सरकार के लिए बड़े शर्म की बात है।
आगे उन्होंने कहा कि, ऐसी घटना की पुनरावृति न हो इसके लिए राज्य के सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त वेंटिलेटर उपलब्ध कराये जाने चाहिए। इसके अलावा, दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। उऩ्होंने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार के लिए तत्काल ध्यान देने की मांग की है।
अस्पताल शुरू करते समय पिछले कर्मचारियों का विस्थापन न हो
श्री पवार ने कहा कि, नया अस्पताल या मेडिकल कॉलेज शुरू करते समय पिछले अस्पताल के कर्मचारियों को विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि नागपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल और इंदिरा गांधी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक वर्ष में दस लाख से अधिक मरीज आते हैं। इसलिए इन अस्पतालों को और अधिक सुदृढ़िकरण करने पर ध्यान देने की आवश्यकता है। श्री पवार ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार के लिए तत्काल ध्यान देने की मांग की। इस बीच, चिकित्सा मंत्री गिरीश महाजन ने मामले पर कार्रवाई करने और वेंटिलेटर की कमी के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का वादा किया।
आगे उन्होंने कहा कि, ऐसी घटना की पुनरावृति न हो इसके लिए राज्य के सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त वेंटिलेटर उपलब्ध कराये जाने चाहिए। इसके अलावा, दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। उऩ्होंने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार के लिए तत्काल ध्यान देने की मांग की है।
अस्पताल शुरू करते समय पिछले कर्मचारियों का विस्थापन न हो
श्री पवार ने कहा कि, नया अस्पताल या मेडिकल कॉलेज शुरू करते समय पिछले अस्पताल के कर्मचारियों को विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि नागपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल और इंदिरा गांधी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक वर्ष में दस लाख से अधिक मरीज आते हैं। इसलिए इन अस्पतालों को और अधिक सुदृढ़िकरण करने पर ध्यान देने की आवश्यकता है। श्री पवार ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार के लिए तत्काल ध्यान देने की मांग की। इस बीच, चिकित्सा मंत्री गिरीश महाजन ने मामले पर कार्रवाई करने और वेंटिलेटर की कमी के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का वादा किया।


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