अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महासभा के आज दिन में मुख्यमंत्री निवास के घेराव की घोषणा के मद्देनजर मुख्यमंत्री निवास के आसपास और इस ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर बेरिकेडिंग की है। ओबीसी को आरक्षण और अन्य मुद्दों को लेकर ओबीसी महासभा और इससे जुड़े संगठनों ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास के घेराव की घोषणा की है। इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन 2-3 दिन से ही सक्रिय है।
सरकार पर लगा शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कुचलने के प्रयास का आरोप
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के अलावा कोरोना संबंधी गाइडलाइन लागू होने के मद्देनजर प्रतिबंध प्रभावशील होने का हवाला देते हुए ओबीसी संगठन से जुड़े कुछ नेताओं को नोटिस जारी किए हैं। दूसरी ओर कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने आरोप लगाया कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ओबीसी नेताओं को प्रदर्शन के पहले ही गिरफ्तार कर रही है। वास्तव में सरकार को इन नेताओं से बात करना चाहिए, लेकिन वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं।
से रोकना का यह प्रयास क्यों। विधिवत उन्हें शांति पूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दीजिए। नहीं तो भाजपा के कोई भी कार्यक्रम को पूरे देश में अनुमति देना बंद करिए। ओबीसी मूव्मेंट को दबाने की कोशिश मत करिए। उनकी तकलीफ़ समझने की कोशिश कीजिए। ज़रा सोचिये।
— Vivek Tankha (@VTankha) January 1, 2022
कांग्रेस कर रही OBC महासभा का समर्थन
उन्होंने कल रात ट्वीट के जरिए कुछ नेताओं के नाम जारी करते हुए दावा किया कि पुलिस ने इन्हें निरुद्ध कर लिया है। इस बीच पुलिस प्रशासन ने मुख्यमंत्री निवास के आसपास के प्रमुख मार्गों पर कल से ही बेरिकेडिंग कर दी है। इन रास्तों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अफसर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। ओबीसी महासभा और इससे जुड़े संगठनों ने इस आंदोलन की घोषणा की है और कांग्रेस नेता इसका समर्थन करते हुए दिख रहे हैं।


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