कोरोना से निपटने की तैयारियों पर माकपा ने कहा- जनता के प्रति जवाबदेही से बच रही है सरकार

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सीताराम येचुरी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि ‘‘भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला 31 जनवरी को सामने आया था, लेकिन उस समय मोदी सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के आयोजन में व्यस्त थी।’’

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन लगा रखा है। इस वायरस से निपटने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारें तमाम हथकंडे अपना रही है। इस बीच माकपा ने कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से निजात पाने के लिए सरकार की तैयारियों को नाकाफी बताया और लाचार होने का आरोप लगाया।

महासचिव सीताराम येचुरी ने गुरुवार को कहा कि समस्या के शुरु होने के समय से ही सरकार के लाचार रवैये के कारण यह संकट गहराता जा रहा है। सीताराम येचुरी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि ‘‘भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला 31 जनवरी को सामने आया था, लेकिन उस समय मोदी सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के आयोजन में व्यस्त थी।’’

उन्होंने कहा कि उस समय से चिकित्सकों के सुरक्षा उपकरण (पीपीई) की आपूर्ति के न इंतजाम किये गये ना कोई योजना बनायी गयी। येचुरी ने कहा कि ‘‘देश को अब भी प्रतिदिन एक लाख पीपीई की जरूरत है लेकिन 23 अप्रैल तक इनका उत्पादन बढ़ाकर 30 हजार प्रतिदिन ही किया जा सकता है।’’
माकपा नेता ने सरकार पर अपनी जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाते हुये कहा, ‘‘लाखों भारतीय फिर से गरीबी के मुहाने पर खड़े है। हमने इनकी फिक्र में केन्द्र सरकार से अब तक एक भी शब्द नहीं नहीं सुना, पीएम के पास ट्वीट करने के लिये समय ही कहां है?’’ उन्होंने कहा कि देश की अधिसंख्य आबादी जिंदगी और मौत से जूझ रही है, ऐसे में सरकार जनता के प्रति अपनी जवाबदेही से बच रही है।
बता दें कि देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 5,000 को पार कर चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को भारत में कोरोना वायरस  से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5734 तक पहुंच गई है वहीं अब तक 166 लोगों की मौत हो चुकी है। 

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