उत्तराखंड में ऋषिगंगा त्रासदी के एक साल से अधिक समय के बाद तपोवन में एनटीपीसी की जलविद्युत परियोजना स्थल पर सुरंग से एक और शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान गौरव नाम के एक अधिकारी के रूप में की गई है।
जोशीमठ पुलिस थाने के प्रभारी राजेंद्र सिंह खोलिया ने बताया कि तपोवन-विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना में सुरंग में फंसे मलबे से शव मंगलवार को बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान गौरव नाम के एक अधिकारी के रूप में की गई है।
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अधिकारी ने कहा कि तपोवन-विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना में पुनर्निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया गया है और सुरंग के अंदर मलबे को साफ करने के दौरान शव मिला। ऋषिगंगा जलविद्युत परियोजना इस त्रासदी में पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी, जिसने तपोवन-विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना को भी व्यापक नुकसान पहुंचाया था।
पिछले साल सात फरवरी को एक ग्लेशियर फटने से ऋषिगंगा नदी में बाढ़ आ गई थी जिससे यह त्रासदी हुई थी। उस समय वहां कई लोग काम कर रहे थे। इस त्रासदी में 200 से अधिक लोग लापता हो गए थे। अब तक 80 से अधिक पीड़ितों के शव मिले हैं, जबकि कई अभी भी लापता हैं।


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