आंध्र प्रदेश के विशाखपत्तनम के मधुरवाड़ा में बृहस्पतिवार तड़के एक परिवार के चार सदस्यों की जलकर मौत हो गई। विशाखापत्तनम शहर के पुलिस आयुक्त मनीष कुमार सिन्हा ने दोपहर के समय घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से कहा कि मामले की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मौतें दुर्घटनावश हुईं या फिर आत्महत्या या हत्या की गई। तीन मृतकों के शवों पर घाव मिले हैं।
उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम सबूत एकत्रित कर रही है। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ”फोरेंसिक सबूतों की जांच के बाद तस्वीर साफ हो पाएगी।” परिवार का मुखिया बंगारू नायडू (50) बहरीन में रहने के बाद कुछ साल पहले विशाखापत्तनम लौटा था। उसकी पत्नी होम्योपैथी डॉक्टर थी। उनके दो बेटे थे।
पुलिस के अनुसार पड़ोसियों ने आज तड़के उनके फ्लैट से धुआं उठता देखा, जिसके बाद उन्होंने अग्निशमन सेवा और पुलिस को इसकी जानकारी दी। अग्निशनम और पुलिस टीमें फ्लैट पर पहुंची और अंदर घुसने के लिये मुख्य द्वार तोड़ दिया, जहां जले हुए शव पड़े थे।
पुलिस आयुक्त ने पड़ोसियों के हवाले से कहा कि नायडू परिवार में बीती रात कहासुनी हुई थी। सिन्हा ने बड़े बेटे पर संदेह जताते हुए कहा कि परिवार में सबकुछ ठीक नहीं था। उन्होंने कहा, ”बड़े बेटे के शव को छोड़कर अन्य तीनों के शवों पर घाव मिले हैं।”


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