Pallavi Ragging Case Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। डिप्रेशन से जूझ रही एक कॉलेज की पूर्व छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल के बेड पर दिए गए वीडियो बयान में छात्रा ने एक प्रोफेसर और कॉलेज की कुछ छात्राओं पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रा का कहना था कि “अशोक सर बहुत बुरे थे, वे पीछे पड़ जाते थे, अजीब हरकतें करते थे और शरीर को छूते थे।” उसने यह भी आरोप लगाया कि एक सीनियर छात्रा ने उसे बोतल से मारा और पढ़ने नहीं दिया।
Pallavi Ragging Case Himachal Pradesh: तीन छात्राओं और प्रोफेसर पर केस दर्ज
परिजनों की शिकायत पर धर्मशाला पुलिस ने तीन छात्राओं पर रैगिंग और एक प्रोफेसर पर प्रताड़ना के आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 75, 115(2), 3(5) और एंटी रैगिंग कानून की धारा-3 के तहत मामला दर्ज किया है। छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी 19 वर्षीय बेटी कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी और 18 सितंबर 2025 को तीन छात्राओं ने उसके साथ मारपीट और धमकी दी थी।
Ragging Case Himachal Pradesh: मानसिक उत्पीड़न से बिगड़ी हालत
मृतका के पिता, जो सिद्धबाड़ी के पास रहते हैं, ने आरोप लगाया कि कॉलेज के एक प्रोफेसर ने उनकी बेटी के साथ अश्लील हरकतें कीं और जातिसूचक शब्द कहे। इससे बेटी मानसिक रूप से टूट गई और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उन्होंने बताया कि बेटी का कई अस्पतालों में इलाज कराया गया, लेकिन 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

Himachal Prades Crime News: वीडियो को लेकर उठे सवाल
मामले में छात्रा के दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में छात्रा अपनी मां से कहती दिखती है कि “अशोक सर अच्छे हैं।” यह वीडियो किसी अन्य जगह का बताया जा रहा है, जबकि दूसरा वीडियो अस्पताल का है, जिसमें वह आरोप लगाती नजर आती है। इन वीडियो के कारण पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
कॉलेज प्रशासन की सफाई
धर्मशाला कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने कहा कि छात्रा पिछले साल फर्स्ट ईयर में फेल हो गई थी और आगे दाखिला न मिलने के कारण तनाव में थी। उनके अनुसार, परिजनों की ओर से पहले कभी रैगिंग या उत्पीड़न की लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रोफेसर पर आरोप हैं, वे पिछड़े वर्ग से आते हैं।

पुलिस जांच और देरी के आरोप
एसपी कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि 20 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत आई थी, लेकिन उसमें यौन शोषण का जिक्र नहीं था। अब परिजनों की शिकायत पर जांच की जा रही है। वहीं, पुलिस पर समय पर कार्रवाई न करने के आरोप भी लगे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा नेताओं ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। मृतका के पिता ने कॉलेज प्रशासन, पुलिस और समाज की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में और बेटियां इसी तरह प्रताड़ित होंगी। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और सभी आरोपों की गहन पड़ताल की जा रही है।

विशाल नेहरियां ने जताया दुख, निष्पक्ष जांच की मांग
धर्मशाला से भाजपा के पूर्व विधायक विशाल नेहरियां ने कहा कि बहन पल्लवी की मौत बेहद दुखद और दर्दनाक है। इस कठिन समय में मेरी पूरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस की लापरवाही की बातें सामने आ रही हैं, जो बेहद शर्मनाक है। इसलिए इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके और आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।

विधायक सुधीर शर्मा ने प्रशासनिक लापरवाही पर उठाए सवाल
धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने छात्रा के निधन को बेहद पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। साथ ही कहा कि यदि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो उसकी उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। विधायक ने प्रशासन की लापरवाही और सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना भी की।
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