मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने सोमवार को दावा किया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के बिना मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव राज्य की लगभग 70 प्रतिशत आबादी के साथ अन्याय होगा। उमा ने ट्वीट किया, ‘‘मध्य प्रदेश के पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर लगी हुई न्यायिक रोक चिंता का विषय है।’’
3. इसलिए पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का समाधान किए बिना पंचायत चुनाव ना हो सके इसका रास्ता हमारी मध्य प्रदेश की सरकार को निकालना ही चाहिए। मुझे शिवराज जी ने जानकारी दी है कि वह इस विषय पर विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं। @BJP4MP @OfficeofSSC
— Uma Bharti (@umasribharti) December 20, 2021
लगभग 70 प्रतिशत आबादी के साथ अन्याय होगा
उन्होंने आगे लिखा, ‘‘मेरी अभी (सोमवार) सुबह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी से फोन पर बात हुई है। मैंने उनसे आग्रह करते हुए कहा कि ओबीसी आरक्षण के बिना मध्य प्रदेश में पंचायत का चुनाव प्रदेश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी के साथ अन्याय होगा।’’
उमा भारती ने कहा, ‘‘इसलिए पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का समाधान किए बिना पंचायत चुनाव ना हो सके, इसका रास्ता हमारी मध्य प्रदेश की सरकार को निकालना ही चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे शिवराज जी ने जानकारी दी है कि वह इस विषय पर विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं।’’
उच्चतम न्यायालय ने दिया निर्देश
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 17 दिसंबर को मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय में ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव प्रक्रिया रोकने और उन सीटों को सामान्य वर्ग के लिए फिर से अधिसूचित करने का निर्देश राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को दिये हैं।
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इस आदेश का पालन करते हुए मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रि-स्तरीय पंचायतों के (आम निर्वाचन वर्ष 2021-22) लिए जारी कार्यक्रम के अंतर्गत ओबीसी के लिए आरक्षित पंच, सरपंच, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य के पदों की निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित कर दी हैं, जबकि अन्य पदों के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगे। प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए जिला पंचायत सदस्य के 155, जनपद पंचायत सदस्य के 1273, सरपंच के 4058 और पंच के 64 हजार 353 पद आरक्षित किए गए हैं।


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