एक विशेष अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट रद्द करने से इनकार कर दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश वी सी बर्डे ने चोकसी के वकीलों और सीबीआई के वकील ए लिमोंसे की दलीलें सुनने के बाद चोकसी को राहत देने से मना कर दिया।
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समन पर जवाब नहीं देने और जांच में शामिल नहीं होने पर अदालत द्वारा जारी वारंट को रद्द कराने की मांग करते हुए चोकसी ने जून 2018 में अदालत का रूख किया था। पिछले सप्ताह भी अदालत ने इसी तरह की उसकी याचिका ठुकरा दी थी। उसने पीएनबी मामले में धन शोधन रोकथाम कानून के तहत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामले में जारी वारंट को रद्द करने का अनुरोध किया था।
सीबीआई की अदालत के समक्ष अपनी याचिका में चोकसी ने दावा किया कि अपने स्वास्थ्य की स्थिति के कारण वह भारत नहीं आ सकता और यहां पर उसकी जान को खतरा है। चोकसी के वकीलों ने दलील दी कि उसने जांच एजेंसियों से कभी भागने की कोशिश नहीं की और जो भी पत्र उसे मिले उसका उसने जवाब दिया। चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी ने बैंक के कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर पीएनबी से 14000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की ।


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