गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य को इस माह के अंत तक खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए सभी पंचायत निकायों से सक्रिय समर्थन मांगा है। सावंत ने सभी पंचायत निकायों को मंगलवार को लिखे पत्र में कहा कि केंद्र के स्वच्छ भारत अभियान के तहत राज्य सरकार खुले में शौच मुक्त राज्य का दर्जा हासिल करने के लिए सच्चे प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस दर्जे को हासिल करने की दिशा में पहले कदम के तौर पर गोवा अपशिष्ट प्रबंधन निगम को 31 अगस्त तक उन स्थानों में सामुदायिक शौचालय बनाने का काम सौंपा गया है जहां इनकी आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि इससे पहले पंचायत निदेशालय को घरों में निजी शौचालय बनाने के लिए एक अर्जी मिली थी। इस कार्य को भी साथ-साथ किया जा रहा है, लेकिन खुले में शौच मुक्त राज्य का दर्जा हासिल करने के लिए सामुदायिक शौचालय निर्माण का काम पूरा करना प्राथमिकता है।
सावंत ने कहा, “खुले में शौच मुक्त बनना गोवा के लिए गर्व की बात होगी।… यह हासिल करने के लिए सरकार को गांव पंचायतों का सक्रिय सहयोग आवश्यक है।” राज्य को 31 अगस्त तक खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए सरकार की नगर पालिका क्षेत्रों और पंचायतों के विभिन्न वार्डों में 583 सामुदायिक शौचालय बनाने, ग्रामीण इलाकों में 17,000 निजी शौचालय बनाने और शहरी इलाकों में 4,000 शौचालय बनाने की योजना है। सावंत ने एक अगस्त को गोवा विधानसभा में कहा था कि राज्य इस महीने के अंत तक खुले में शौच मुक्त हो जाएगा।


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