हरिद्वार, संजय चौहान (पंजाब केसरी): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संवाद के जरिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की परिसंपत्तियों का विवाद निपटाया गया है। पांच फीसदी मामले लंबित हैं उन्हें भी समयबद्ध तरीके से निपटाया जाएगा। इनमें भी सैंद्धातिक सहमति हो गई है। केवल व्यवहारिक होना बाकी रह गया है। योगी ने कहा कि तीन दिन उत्तराखंड में रहने पर उन्हें सुखद अनुभूति मिली। उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश पूरा सहयोग देगा।
ये बातें योगी ने गुरुवार को हरिद्वार में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए भागीरथी पर्यटक आवास गृह का उद्घाटन करते हुए कही। योगी ने उत्तराखंड को हर मामले में सहयोग का वादा करते हुए कहा कि यहां चारधाम यात्रा के साथ अरोग्ययात्रा भी चलनी चाहिए। उत्तराखंड में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। योजनाएं बनाकर इससे पलायन रोका जा सकता है। भले ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड अलग-अलग राज्य हैं लेकिन दोनों राज्यों की भावनाएं एक है, भविष्य में दोनों मिलकर काम करेंगे।
योगी ने कहा कि परिसपंत्ति का विवाद जब बैठकों में नहीं निपटा तो मामला कोर्ट में चला गया। 2017 में जब वह मुख्यमंत्री बने तो उत्तराखंड में त्रिवेंद्र रावत मुख्यमंत्री बने। इस मामले में कोर्ट ने जब तीखी टिप्पणी की तब उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक करके बातचीत के जरिए इसे सुलझाने की बात कही। बातचीत का जरिया त्रिवेंद्र रावत ने शुरू कर दिया था। इसके बाद धामी ने सहजता-सरलता के साथ आगे आकर सकारात्मक रुख अपनाया। हालांकि आपसी मतभेद और संकीर्ण राजनीति से उपर उठकर काम करना होगा। उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सतपाल महाराज समेत उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह, कपिल अग्रवाल, बृजेश सिंह और वरिष्ठ संतगण शामिल हुए।


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