सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल में बीजेपी को रथयात्रा की अनुमति नहीं देने के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ पार्टी की याचिका पर सात जनवरी को सुनवाई करने पर गुरुवार को सहमत हो गया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ के समक्ष मामले की तत्काल सुनवाई का जिक्र किया गया था।
पीठ ने सात जनवरी को इस पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की। पार्टी की राज्य इकाई ने ‘‘लोकतंत्र बचाओ रैली’’ निकालने की अनुमति लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह रैली वर्ष 2019 आम चुनाव से पहले राज्य के 42 संसदीय क्षेत्रों से होकर निकाली जाएगी।
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रथयात्रा को ले कर बीजेपी पर तीखा हमला करते हुएकहा कि ऐसी रथ यात्रायें भगवान के लिए निकाली जाती हैं और ‘‘दंगों’’ के लिए नहीं निकाली जाती हैं। बीजेपी ने राज्य में रथयात्रा की अनुमति नहीं देने के कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
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हालांकि तब सुप्रीम कोर्ट ने इसपर तत्काल सुनवाई करने से मना कर दिया। ममता बनर्जी ने जन वितरण कार्यक्रम में यहां कहा, ‘‘भगवान कृष्ण और भगवान जगन्नाथ के लिए रथ यात्रायें होती हैं, उन रथ यात्राओं में हम सब हिस्सा लेते हैं। जो लोग आम लोगों को मारने के लिए यात्रा निकालते हैं वे ‘दंगा’ यात्राओं में शामिल होते हैं।’’


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