राजस्थान सरकार ने सभी सरकारी दस्तावेजों से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर हटाने का आदेश बुधवार को जारी कर दिया। राज्य के मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग ने इस आशय का आदेश जारी किया। तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद पूर्व की बीजेपी सरकार के कुछ फैसले बदले जा रहे हैं। इस पर सियासी विवाद भी शुरू हो गया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव रवि शंकर श्रीवास्तव की ओर से जारी इस आदेश के अनुसार राज्य मंत्रिमंडल की 29 दिसम्बर को हुई बैठक में किये गये फैसले के अनुसार यह कदम उठाया गया है। इसके तहत राज्य के समस्त राजकीय विभागों, निगमों,बोर्ड एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं के लेटर पैड पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर का लोगो के रूप में प्रयोग/मुद्रण करने के संबंध में 11 दिसंबर, 2017 को जारी परिपत्र को वापस लिया जाता है।
2014 में बीजेपी के केंद्र की सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार की नीतियों के वैचारिक दर्शन के लिए संभवतया सबसे अधिक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम का जिक्र अपने भाषणों में किया है।


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