मुंबई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के अधिकारी समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े ने एनसीपी नेता नवाब मलिक के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। ज्ञानदेव वानखेड़े ने मलिक पर कोर्ट की अवमानना का आरोप लगाया है।
वानखेड़े के पिता ने आरोप लगाया कि नवाब मलिक ने अदालत के समक्ष एक अंडरटेकिंग देने के बाद अपनी सहमति की शर्तों का उल्लंघन किया है। हलफनामे के साथ ही उन्होंने मलिक द्वारा समाचार चैनलों को दिए गए तीन इंटरव्यू के ट्रांसस्क्रिप्ट भी अटैच किए हैं।
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने 25 नवम्बर को हुई सुनवाई में नवाब मलिक के वकील ने अंडरटेकिंग दी थी कि उनके क्लाइंट सुनवाई की अगली तारीख यानी 9 दिसंबर तक वानखेड़े परिवार के खिलाफ बयान नहीं देंगे। इस बीच ज्ञानदेव वानखेड़े ने उनके खिलाफ मानहानि का हलफनामा दाखिल कर दिया है।
मानहानि के मुकदमे में ज्ञानदेव वानखेड़े ने दावा किया कि अपने दामाद समीर खान को ड्रग्स मामले में NCB द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद नवाब मलिक ने उनके बेटे के खिलाफ आरोप लगाना शुरू कर दिया था। 1.25 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग के अलावा उन्होंने एचसी से मानहानि कटेंट को हटाने का आदेश देने और राकांपा नेता को इस तरह की टिप्पणी करने से रोकने का अनुरोध किया था।


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