गोवा में विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार को मांग करते हुए कहा कि 50वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के मद्देनजर राज्य सरकार धारा 144 को हटाकर निरोधात्मक आदेश वापस ले। पार्टी ने कहा कि 20 नवंबर से शुरू होने जा रहे इस समारोह में बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। निषेधाज्ञा के कारण आगंतुकों को परेशानी होगी।
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले गोवा में 7 नवंबर को 30 दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी गई थी। कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख गिरीश चोडनकर ने आरोप लगाया कि भारतीय जनाता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने लंबे समय तक निषेध कानून को लागू कर विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा, “भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव के लिए गोवा में हजारों की संख्या में प्रतिनिधि और पर्यटक आएंगे। इस दौरान लोगों को इकट्ठा होने से रोकने वाली धारा 144 को लागू करने का कोई मतलब नहीं रहता है।”
राज्य क्रांग्रेस प्रमुख ने मंगलवार को पणजी में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, “सरकार लंबे समय तक निषेध कानून को लागू कर अपने खिलाफ विपक्ष के कार्यो और विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश कर रही है।”
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय और गोवा सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 20-28 नवंबर तक आयोजित किए जा रहे देश के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के 50वें संस्करण में नौ हजार प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।


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