महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन पर गतिरोध जारी रहने के बीच राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार को पूछा कि राज्यपाल सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित क्यों नहीं कर रहे हैं। शरद पवार ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि क्यों राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भाजपा को सरकार गठन का दावा जताने के लिए आमंत्रित नहीं कर रहे हैं जो 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में 105 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने महाराष्ट्र में सरकार गठन पर गतिरोध खत्म करने के वास्ते शुक्रवार को पवार से “उनकी सलाह मांगने” के लिए मुलाकात की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में पवार ने अठावले के जरिए भाजपा और शिवसेना को उन्हें मिले “स्पष्ट बहुमत” का सम्मान करने की सलाह दी। बता दें कि शिवसेना ने 288 सदस्यीय सदन में 56 सीटें, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीती हैं।
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शरद पवार ने कहा, “महाराष्ट्र जैसे राज्य में ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने (अठावले) सलाह मांगी थी। हमारी सहमति है कि लोगों ने भाजपा और शिवसेना को स्पष्ट जनादेश दिया है।” राकांपा नेता ने कहा कि राष्ट्रपति या राज्यपाल कब तक इंतजार कर सकते हैं। उन्हें जल्द ही कोई फैसला लेना होगा।
उन्होंने कहा, “हमारी सलाह है कि आपके (भाजपा और शिवसेना) पास जनादेश है। आप इसका सम्मान करें।” अठावले ने कहा था, “मेरे पवार साहब से वर्षों से करीबी संबंध रहे हैं। मैं यहां उनकी सलाह लेने के लिए आया हूं। उनकी राय है कि शिवसेना और भाजपा को सरकार बनानी चाहिए। उन्होंने मुझे दोनों पार्टियों को सरकार बनाने की सलाह देने के लिए कहा है।”


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