उदय सामंत पर हमले में शिवसेना का एक प्रतिनिधिमंडल आज महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रजनीश सेठ से मिला और उनसे बागी विधायक एवं राज्य के पूर्व मंत्री उदय सामंत पर हमले में शामिल ‘‘असली’’ दोषियों का पता लगाने का आग्रह भी किया।
‘ट्रैफिक सिग्नल’ में कार पर हमला
पुणे में मंगलवार रात एक ‘ट्रैफिक सिग्नल’ पर अज्ञात लोगों ने सामंत की कार पर हमला कर दिया था। सामंत के वाहन को घेरने की कोशिश कर रही भीड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया, जिसमें लोग नारेबाजी भी करते नजर आ रहे हैं।
सामंत की कार पर कथित हमले के सिलसिले में पार्टी की पुणे शहर इकाई के अध्यक्ष संजय मोरे और हिंगोली से पार्टी के नेता बबन थोराट सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शिवसेना नेता बबन थोराट को मुंबई में हिरासत मे लिया गया था।पुलिस ने बताया था कि थोराट को पुणे लाया गया और गिरफ्तार किया गया। उन पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं को सामंत की कार पर हमले के लिए उकसाने का आरोप है। उन्हें छह अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
शिवसेना कार्यकर्ताओं को मिली धमकी
पुलिस महानिदेशक से मुलाकात के बाद शिवसेना के प्रवक्ता अरविंद सावंत ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ आपको किसी के हाथ में कोई हथियार नहीं दिखेगा, लेकिन फिर भी गलत शिकायत दर्ज की गई। वे (पार्टी के कार्यकर्ता) बिना वजह हिरासत में हैं।’’
प्रतिनिधिमंडल में सावंत के अलावा विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरहे, शिवसेना सचिव विनायक राउत और विधान परिषद के सदस्य सचिन अहीर तथा मनीषा कायंदे सहित शिवसेना के उद्धव ठाकरे-गुट के कुछ नेता शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक को यह भी बताया कि राज्य के कई हिस्सों में शिवसेना कार्यकर्ताओं को धमकाया जा रहा है और उन पर हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने मामले में पुलिस के हस्तक्षेप का अनुरोध भी किया।


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