कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक को लेकर आ रही खबरों के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज उसके केंद्रीय नेतृत्व पर तीखा हमला बोला और कहा कि उस दल में सच बोलने वालों को गद्दार और तलुआ चांटने वालों को वफादार कहा जाता है। चौहान ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन दिवसीय सदस्यता अभियान के अंतिम दिन पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा और अन्य नेता एवं पदाधिकारी भी मौजूद थे। समारोह में ग्वालियर चंबल अंचल के हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
राहुल – सोनिया पर जमकर प्रहार
वरिष्ठ भाजपा नेता शिवराज चौहान ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग उठायी लेकिन यह बात ‘युवराज’ को पसंद नहीं आयी और उन्होंने पार्टी के ऐसे नेताओं पर ही आरोप लगा दिए कि वे भाजपा से मिले हुए हैं। इसके बाद कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद को भी तेवर दिखाने पड़े। चौहान ने कहा कि दरअसल कांग्रेस में सच बोलने वाले को कुचल दिया जाता है। उसे गद्दार करार दिया जाता है और जो तलुआ चाटे, वो वफादार कहलाता है।
शिवराज ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी का जिक्र करते हुए कहा कि वे पार्टी अध्यक्ष बन गए थे, तो उनकी क्या गत की गयी थी। किसी से छिपा नहीं है। उन्हें कार्यालय से बाहर करवा दिया गया था। इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हाराव के साथ अंतिम समय में क्या व्यवहार किया गया था, यह भी सबको मालूम है।
इसकी टोपी उसके सर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालातों में तय है कि अब कांग्रेस की सद्गति नहीं दुर्गति होना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 से लेकर लगभग 20 सालों तक श्रीमती सोनिया गांधी अध्यक्ष बनी रहीं। 2017 से 19 तक श्री राहुल गांधी अध्यक्ष बने और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की पराजय के बाद वे भी पार्टी को मझधार में छोड़कर चले गए। इसके बाद फिर श्रीमती गांधी अध्यक्ष बनीं। कुल मिलाकर हालत यह है कि‘अहमद की टोपी मोहम्मद के सिर और मोहम्मद की टोपी अहमद के सिर।’ऐसी कांग्रेस को अब कोई ताकत नहीं बचा सकती है।
पूर्व की कमलनाथ सरकार पर भी जमकर हमला
चौहान ने कहा कि यही हालात मध्यप्रदेश के हैं। श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस में रहते हुए कमलनाथ से कहा कि मान जाओ। वादे पूरे करो। भ्रष्टाचार मत करो और भी समझाया लेकिन नहीं माने। श्री कमलनाथ पहले प्रदेश अध्यक्ष बने। फिर मुख्यमंत्री और अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बन गए हैं और युवाओं का नेता अपने पुत्र नकुलनाथ को बना दिया। शेष कांग्रेस‘अनाथ’की स्थिति में है। रही सही कसर ग्वालियर चंबल अंचल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरी कर दी, जो तीन दिनों में हजारों की संख्या में भाजपा में शामिल हो गए।
श्री चौहान ने आज भी श्री कमलनाथ पर हमले जारी रखते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में वल्लभ भवन को दलाली का अड्डा बना दिया गया था। उनके पास अपने विधायकों से भी मिलने का समय नहीं था। वे वल्लभ भवन में ही बैठे रहते थे। श्री चौहान ने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान चेहरा किसी का आगे रखा गया और मुख्यमंत्री कोई और बन गया।
सिंधिया ने भी कांग्रेस को घेरा
इस मौके पर श्री सिंधिया ने भी अपने संबोधन में राज्य में कांग्रेस की 15 माह की सरकार पर जमकर हमले किए। उन्होंने कहा कि लोकहित पूरी तरह दरकिनार कर दिए गए थे। अब मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आम जन और किसानों की सुनवायी की है और उनके हित में कदम भी उठाए गए है।
राज्य में आगामी समय में 27 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। इनमें से 16 सीट ग्वालियर चंबल अंचल क्षेत्र की हैं, जहां पर श्री सिंधिया का खासा प्रभाव माना जाता है। मार्च माह में श्री सिंधिया के भाजपा में आने के बाद पिछले तीन दिनों में उनके कम से कम 35 हजार समर्थक कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हुए हैं। भाजपा ने तीन दिनों के आयोजन के जरिए एक तरह से इस अंचल में अपने चुनाव अभियान की शुरूआत कर दी है।


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