मध्यप्रदेश कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने सीएम शिवराज सिंह चौहान पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि चौहान घोषणा और आश्वासन के नशे में हैं। नरसिंहपुर के प्रवास पर पहुंचे कमल नाथ ने रविवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में आश्वासन और घोषणाओं के मिशन पर निकले हुए हैं। 18 साल में उन्हें जिन कामों की याद नहीं आई वह काम उन्हें अब याद आ रहे हैं। उन्हें कभी लाडली बहना याद आ जाती है, कभी आदिवासी याद आ रहे हैं कभी किसान याद आ रहे हैं, हर चुनाव के पहले इसी प्रकार की कलाकारी में लग जाते हैं।
चुनाव के समय ही याद आती है नई घोषणा
मुख्यमंत्री की घोषणाओं का जिक्र करते हुए कमल नाथ ने कहा, रोज ऐसी ऐसी घोषणाएं कर रहे हैं जिनकी चुनाव तक तो शायद शुरूआत भी नहीं हो पाएगी, प्रदेश की जनता हिसाब मांग रही है। उनका दौरा कार्यक्रम जब हम देखते हैं तो रोज कहीं न कहीं जाकर कलाकारी करना और जनता को गुमराह करते नजर आते हैं। वे घोषणा और आश्वासन के नशे में हैं।
विधायकों पर बोले जल्द खत्म होगा खरीद-फरोख्त
कंग्रेस से विधायकों के पाला बदलने के मामले का जिक्र करते हुए कमल नाथ ने कहा, जो बिके हुए जनप्रतिनिधि थे उन्हें अब अपनी स्थिति का एहसास हो चुका है, इस बार प्रदेश की जनता ऐसा फैसला लेगी कि खरीद-फरोख्त की कोई गुंजाइश नहीं होगी। कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर कमलनाथ ने कहा, भोपाल से बैठकर टिकट वितरण नहीं किया जाएगा। टिकट वितरण स्थानीय संगठन से चर्चा करके किया जाएगा, तो सर्वे इशारा मात्र होता है।
महिलाओं का लुभाने वाली लाडली बहना योजना
राज्य सरकार ने हर महिला को एक हजार रुपये माह दिए जाने के लिए लाडली बहना की शुरुआत की है। इस पर कमलनाथ ने कहा, प्रदेश की माताओं बहनों को चुनावी प्रलोभन दिया जा रहा है, पर मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी महिला मतदाता इस बात को भलीभांति समझती है। कई प्रकार के नियम लाद दिए गए हैं, एक तरफ हजार रुपए देने की बात कर रहे हैं दूसरी ओर महंगाई बढ़ रही है, तो किस बात का फायदा हुआ हमारी माताओं बहनों को?

राहुल का समर्थन करते हुए कहा, उनको नहीं मिल रहा बोलने का मौका
केंद्र सरकार के रवैए पर हमला बोलते हुए कमलनाथ ने कहा, राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है, यह घोर अन्याय है। स्पष्ट है कि जो राहुल गांधी बोलना चाहते हैं उससे सरकार भागना चाहती है। मैं 40 साल तक लोकसभा का सदस्य रहा हूं। ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण रवैया आज तक नहीं रहा किसी भी सरकार का। प्रधानमंत्री सदन में राहुल गांधी जी पर आरोप लगाते हैं परंतु जब राहुल गांधी अध्यक्ष से बोलने की स्वीकृति मांगते हैं तो उन्हें स्वीकृति नहीं दी जाती।



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