पीडीपी अध्यक्ष एवं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को उनके विरुद्ध जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत लगाए गए आरोपों को इस केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासन द्वारा हटा लिए जाने के बाद मंगलवार रात रिहा कर दिया गया। इसके बाद बुधवार को द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन ने महबूबा मुफ्ती की रिहाई का स्वागत किया। उन्होंने हिरासत में बंद अन्य कैदियों को भी रिहा करने की मांग की।
स्टालिन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि उन्हें यह ‘‘जानकर खुशी हुई कि महबूबा मुफ्ती को 14 महीने बाद हिरासत से रिहा कर दिया गया’’। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘मैं सरकार से अपील करता हूं कि हिरासत में बंद अन्य सभी लोगों को भी रिहा किया जाए। इस दौरान जिन लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को निलंबित किया गया, उन्हें बहाल किया जाना चाहिए।’’
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के विरुद्ध जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत लगाए गए आरोपों को केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासन द्वारा हटा लिए जाने के बाद उन्हें मंगलवार रात रिहा कर दिया गया। पिछले साल अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था। महबूबा (60) को पिछले साल पांच अगस्त को पहले एहतियातन हिरासत में रखा गया था और बाद में छह फरवरी को उन पर कठोर पीएसए कानून लगा दिया गया। उन्हें सात अप्रैल को उनके सरकारी निवास में ले जाया गया जिसे प्रशासन ने पहले उप-जेल घोषित किया था।


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