हरिद्वार : संत रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य पंचतत्व में विलीन हो गए। शनिवार को खड़खड़ी शमशान घाट पर देश भर से आए सैकड़ों संतों, राजनेताओं तथा गणमान्य लोगों की मौजूदगी में खड़खड़ी शमशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान संत रामानंदाचार्य को उनके उत्तराधिकारी शिष्य अरुण दास और भतीजे लोकेश दास ने मुखाग्नि दी।
हरिद्वार के भीमगोडा स्थित श्री जगन्नाथ धाम से उनका पार्थिव शरीर खड़खड़ी शमशान घाट के लिए करीब पौने चार बचे ले जाया गया। देश भर से आए ब्रह्मलीन स्वामी हंसदेवाचार्य के अनुयायियों, तमाम प्रमुख संतों, राजनेताओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों व शहर के गणमान्य लोगों ने मार्ग पर ही उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
ब्रह्मलीन स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज के अंतिम दर्शन करने व उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। देश भर से आए ब्रह्मलीन स्वामी हंसदेवाचार्य के अनुयायियों, तमाम प्रमुख संतों, राजनेताओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों व शहर के गणमान्य लोगों ने भीमगोड़ा स्थित जगन्नाथ धाम पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, भगत सिंह कोश्यारी, हरीश रावत, डा. रमेश पोखरियाल निशंक, मदन कौशिक, बलराज पासी, अनीता शर्मा, साध्वी प्राची सहित तमाम गणमान्य लोगों व संतो ने स्वामी हंसदेवाचार्य के आकस्मिक ब्रह्मलीन होने पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे देश व समाज के लिए भारी क्षति बताया।
– संजय चौहान


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