शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी से शुक्रवार को रातभर पूछताछ की। वहीं पार्थ चटर्जी ने शनिवार सुबह खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया, जिसके बाद दो डॉक्टरों की टीम उनके आवास पर पहुंची। ईडी अधिकारियों की टीम शुक्रवार से चटर्जी के घर पर डेरा जमाए बैठी है।

एजेंसी के अधिकारियों ने चटर्जी से आवास पर शुक्रवार सुबह आठ बजे से उनसे पूछताछ शुरू की थी, जो आज भी जारी है। ईडी को चटर्जी की निकट सहयोगी अर्पिता मुखर्जी की दक्षिण कोलकाता में स्थित एक संपत्ति से 20 करोड़ रुपये नकद राशि मिली है। जब यह कथित घोटाला हुआ था, तब चटर्जी राज्य के शिक्षा मंत्री थे। प्रवर्तन निदेशालय इस घोटाले में कथित रूप में शामिल लोगों के खिलाफ धनशोधन संबंधी पहलू की जांच कर रहा है।
क्या है मामला?
दरअसल, सीबीआई की एफआईआर के आधार पर ईडी ने धन शोधन का मामला दर्ज किया। पूर्व में कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआई को समूह ‘सी’ और ‘डी’ कर्मचारियों, कक्षा 10वीं और 11वीं के सहायक शिक्षकों, प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में कथित घोटाले की जांच करने का निर्देश दिया था।
कथित घोटाला जब हुआ था उस वक्त चटर्जी के पास शिक्षा का प्रभार था। सीबीआई ने उनसे दो बार 26 अप्रैल और फिर 18 मई को पूछताछ की थी। तृणमूल कांग्रेस ने ईडी द्वारा छापेमारी की कार्रवाई को केंद्र में बीजेपी नीत सरकार द्वारा अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को ‘परेशान’ करने का आरोप लगाया है।


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