नूंह और गुरुग्राम में सांप्रदायिक झड़पों के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा प्रस्तावित रैलियों को रोकने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर किया गया। यह याचिका हेट स्पीच से संबंधित लंबित रिट याचिका में इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन (आईए) के रूप में दायर की गई। जस्टिस अनिरुद्ध बोस के समक्ष सीनियर एडवोकेट चंदर उदय सिंह ने तत्काल सूचीबद्ध करने से पहले आवेदन का उल्लेख किया, क्योंकि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और अगले चार सीनियर जज अनुच्छेद 370 मामले की सुनवाई के लिए संविधान पीठ में बैठ रहे हैं।
पीठ मामले में सुनवाई शुरू करने वाली
न्यायमूर्ति बोस को सिंह ने बताया कि नूंह में हुई घटनाओं के विरोध में विहिप-बजरंग दल द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में 27 मार्च की घोषणा की गई। जस्टिस बोस ने हालांकि इस बारे में संदेह व्यक्त किया कि क्या उनके पास आईए की लिस्टिंग के लिए उल्लेख पर विचार करने का अधिकार है और सिंह से इस संबंध में पुष्टि प्राप्त करने के लिए कहा। इसके बाद सिंह सीजेआई की पीठ के सामने पेश हुए, जो संविधान पीठ मामले में सुनवाई शुरू करने वाली।


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