तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को विवादित संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और इसके विरोध की गूंज सुनाई दी। द्रमुक तथा उसके सहयोगी दलों ने इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की लेकिन जब विधानसभा अध्यक्ष पी धनपाल ने कहा कि मामला उनके विचाराधीन है, जिसके बाद वे सदन से बाहर चले गए।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एम के स्टालिन ने शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाते हुए कहा कि सीएए का देशभर में विरोध हो रहा है क्योंकि यह देश की ”एकता और अखंडता” के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी ओर से प्रस्तावित एक प्रस्ताव पर चर्चा हो।
द्रमुक ने कई दिन पहले ही विधानसभा सचिवालय में याचिका दाखिल कर सीएए पर एक प्रस्ताव पर चर्चा कराने का आग्रह किया था। कुछ दिन पहले केरल विधानसभा में भी इस मामले पर एक प्रस्ताव पेश किया गया था। स्टालिन विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाने की मांग कर रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह सीएए पर प्रस्ताव लाने के स्टालिन के अनुरोध पर विचार कर रहे हैं और इस मामले में उचित निर्णय लिया जाएगा, लेकिन अध्यक्ष के जवाब से असंतुष्ट द्रमुक समेत विपक्षी दलों के विधायक सदन से बाहर चले गए।


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