भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा कथित फर्जी टूलकिट मामले में रविवार को छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। पात्रा ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पुलिस के सामने पेश होने में असमर्थता जताई।
पात्रा और भाजपा के वरिष्ठ नेता रमन सिंह के खिलाफ इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जिसके बाद पुलिस ने पात्रा को चार बजे व्यक्तिगत तौर पर अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने के लिए नोटिस भेजा था। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी।
सिविल लाइंस पुलिस थाने के प्रभारी आर के मिश्रा ने कहा,“ पात्रा पुलिस के जांच अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए। उनके वकील के मुताबिक वह किसी निजी कार्य में व्यस्त थे। उन्होंने पुलिस के सामने पेश होने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है।“ इस मामले में कांग्रेस पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई के एक कार्यकर्ता की शिकायत पर 19 मई को रायपुर के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।
एनएसयूआई का आरोप है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, संबित पात्रा और अन्य लोगों ने कांग्रेस पार्टी के लेटरहेड का इस्तेमाल कर एक फर्जी टूलकिट वितरित की है। सिविल लाइन्स थाने के एक अधिकारी ने कहा कि इसी तरह का नोटिस रमन सिंह को भी भेजकर उनसे सोमवार को साढ़े 12 बजे अपने आवास पर मौजूद रहने के लिए कहा गया है ताकि उनका बयान दर्ज किया जा सके।


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