सीएम शिंदे के रैली में शामिल हुए उद्धव ठाकरे के बड़े भाई, जनता के सामने कर डाली बड़ी मांग

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महाराष्ट्र में सीएम एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे अपनी ताकत दिखाने में जुट चुके है। दशहरे रैली में दोनों नेताओं ने जमकर एक दूसरे पर कई आरोप लगाए है।

महाराष्ट्र में सीएम एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे अपनी ताकत दिखाने में जुट चुके है। दशहरे रैली में दोनों नेताओं ने जमकर एक दूसरे पर कई आरोप लगाए है। जहां शिंदे ने उद्धव को वर्क फ्रॉम होम वाला नेता बताया तो दूसरी तरफ ठाकरे ने शिंदे को गद्दार करार दिया। इस रैली में शिंदे गुट ने बाजी मार ली है, क्योंकि कहा जा रहा कि उनके समर्थन में दो लाख लोग बीकेसी मैदान में पहुंचे थे। 
शिंदे ने ठाकरे परिवार में भी सेंध मारी 
वही, ठाकरे की रैली में तकरीबन एक लाख लोग शामिल हुए थे। वैसे बात सिर्फ समर्थकों तक सिमित नहीं रही बल्कि शिंदे ने ठाकरे परिवार में भी सेंध मारी है। क्योंकि शिंदे की रैली में  उद्धव ठाकरे के बड़े भाई जयदेव ठाकरे, उनकी पत्‍नी और बेटे भी शामिल हुए थे, जिसका मतलब साफ है कि अब शिंदे अपनी ताकत दिखाना चाहते है। इस मौके पर उद्धव ठाकरे के बड़े भाई जयराम ठाकरे ने शिंदे की काफी की है। उन्हें सीएम योग्य नेता तक करार दे दिया है। 
जयराम ठाकरे ने सीएम एकनाथ शिंदे की तारीफ की 
एक रिपोर्ट के अनुसार जयराम ठाकरे ने सीएम एकनाथ शिंदे की तारीफ करते हुए कहा, ‘ सीएम शिंदे गरीबों, किसानों, और दलित वर्ग के लिए बेहतर काम कर रहे है। उनके नेतृत्व में राज्य आगे बढ़ेगा। जनता को उनसे काफी उम्मीदे है। हमे इस रैली में शामिल होने के लिए आमंत्रण दिया गया था, इसलिए हम सह परिवार सहित यहां आए है। शिंदे हमेशा से मेरे पसंदीदा नेताओं में से एक है। ‘ जयराम ठाकरे ने महाराष्‍ट्र की गठबंधन सरकार को भंग करने और श‍िंदेशाही सरकार लाने की अपील भी की थी। 
हम आपको बता दें, शिंदे ने बीकेसी मैदान से उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ कोरोना काल में वो घर पर बैठे थे। उन्होंने वर्क फ्रॉम होम के आदेश दे दिए थे, लेकिन मैं वो व्यक्ति था जो हमेशा अस्पतालों में जाकर निरीक्षण करता था। साथ ही लोगों की मदद के लिए हमेशा मौजूद रहता था। वही शिंदे ने उद्धव ठाकरे के कांग्रेस से हाथ मिलाने वाले फैसले पर भी तंज कसते हुए कहा, ‘साल 2019 में जनता ने बीजेपी और शिवसेना के एलायंस को जनादेश दिया था, लेकिन उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को धोखा देते हुए कांग्रेस से हाथ मिला लिया। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के मूल सिद्धांतों को त्याग दिया। उन्हें अपने पिता से माफी मांगनी चाहिए ।’

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