उत्तराखंड: केदारनाथ हाइवे पर चट्टान खिसकने से 9 की मौत, कई लोग दबे होने की आकंशा

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शुक्रवार की सुबह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में एक बड़ा हादसा हो गया है। यह हादसा भरी चट्टान गिरने से हो गया है जिसमे चट्टान से गिरे मलबे के निचे दबकर ९ लोगो की मौत हो गयी है। यह बड़ा हादसा केदारनाथ हाइवे पर बांसबाड़ा में हुआ। खबर है की यहां पर ऑल वेदर रोड का काम चल रहा था।

उस समय कई मजदूर काम कर रहे थे जिसमे से 9 मजदूर की मौत हो गयी है और अभी भी कई मजदूर के दबे होने की खबर। स्थानीय पुलिस और बचाव दल घटना स्थल पर पहुंच गया है। गौरतलब है कि उत्तर भारत में अभी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसी दौरान बारिश और बर्फबारी के कारण पर्वतीय इलाकों में काम करने में बहुत ही मुसीबते आती है। और काम करने वालो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

लगातार बारिश होने से पहाड़ों से मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। बताया जा रहा है की बांसबाड़ा में भी यही हुआ काम क्र रहे मजदूरों पर चानक चट्टान का मलबा गिर गया और मलबे में दबकर उनकी मौत हो गई। मौके पर मौजूद एम्बुलेंस में घायलों को अस्पताल पहुंचाया अभी भी रहत का काम जारी है।

उत्तराखंड भूस्खलन का मलबा हट जायेगा जल्द

उत्तराखंड में कल हुए भूस्खलन के बाद आज चमोली जिले में विष्णुप्रयाग के पास पर हाथी पहाड़ की चोटी से भूस्खलन के मलबे की सफाई का काम आज किया युद्धस्तर पर हो रहा है । जबकि वहां फंसे दोनों ओर के 2000 से ज्यादा तीर्थयात्रियों में से 800 तीर्थयात्रियों को उनके स्थानो की ओर रवाना कर दिया गया है।

चमोली के जिलाधिकारी आशीष जोशी आज ने  इन खबरों का भी खंडन किया कि भूस्खलन के कारण 15000 से अधिक तीर्थयात्री फंस गये हैं। आशीष जोशी ने कहा कि  ये  (15000 से ज्यादा श्रद्धालुओं के फंसने की) खबरें बिल्कुल गलत हैं।

केवल 2000 यात्री के करीब मलबे के कारण प्रभावित हुए थे, जिनमें से  800 को सुरक्षित उनके स्थानो  की ओर रवाना कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अब केवल 1200 तीर्थयात्री के करीब ही बचे हैं जो विष्णुप्रयाग, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में विभिन्न स्थानों पर ठहरे हुए हैं।

इस बीच, वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सीमा सड़क संगठन के जवान मलबे को साफ करने में युद्धस्तर पर जुटे हुए हैंं। वहां मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के बताया की कि कल शाम से ही मलबा हटाने का काम निरंतर चल रहा है और जल्दी ही मार्ग पर यातायात सुचारू कर दिया जायेगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आपदा सचिव अमित नेगी को लगातार निगरानी के निर्देश दिये हैं। एक सरकारी प्रवक्ता ने  कहा कि स्थिति के नियंत्रण में होने की वजह से यात्रियों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। यात्रियों के लिये खाने, ठहरने तथा स्वास्थ्य संबंधी सभी सुविधायें मौजूद हैं।

Desk Team