उत्तराखंड के चंपावत विधानसभा में हुए उपचुनाव की मतगणना शुरू हो गई है। आज ही इस विधानसभा का चुनावी नतीजा आना है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए पुष्कर सिंह धामी का यहां से जीतना बहुत जरूरी है। इस सीट पर मुख्यमंत्री धामी का मुख्य मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार निर्मला गहतोड़ी के बीच है।
यह उपचुनाव धामी और भाजपा के लिए कितना ज्यादा महत्वपूर्ण?
चंपावत विधानसभा में उपचुनाव के तहत 31 मई को मतगणना हुई थी। इस उपचुनाव में लगभग 64 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। यह उपचुनाव मुख्यमंत्री धामी और भाजपा के लिए कितना ज्यादा महत्वपूर्ण था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्रियों स्मृति ईरानी एवं अनुराग ठाकुर, पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी , प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों एवं धामी मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों सहित पार्टी के दिग्गज नेताओं को प्रचार के लिए चुनावी मैदान में उतार दिया था।
धामी ने 23 मार्च को लगातार दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
दरअसल, राज्य में इसी वर्ष हुए विधानसभा के आम चुनाव में 70 में से 47 सीटें जीतकर भाजपा ने एक नया रिकॉर्ड तो बना लिया था लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं अपने विधानसभा क्षेत्र खटीमा से हार गए थे। इस हार के बावजूद पार्टी आलाकमान ने उन पर भरोसा जताते हुए , उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाया।
धामी ने 23 मार्च को लगातार दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मुख्यमंत्री बने रहने के लिए उन्हें 6 महीने के अंदर विधायक बनना है, इसलिए चंपावत विधानसभा का उपचुनाव उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर काफी महत्वपूर्ण हो गया है।


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