कोलकाता हाई कोर्ट की ओर से गुरुवार को बीजेपी नेता और एक्टर मिथुन चक्रवर्ती को बड़ी राहत मिली है। कोलकाता हाई कोर्ट के जस्टिस कौशिक चंदा पीठ ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान मिथुन चक्रवर्ति के विवादित भाषण को लेकर दर्ज केस को रद्द कर दिया है। इसके साथ-साथ कोर्ट ने आगे की जांच पर भी स्टे लगा दिया है।
विवादित बयान देने पर हुई थी एफआईआर दर्ज
बता दें कि 7 मार्च 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मिथुन चक्रवर्ती ने भाजपा का दामन थामा था। भाजपा में शामिल होने के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने ममता के खिलाफ एक के बाद एक बयान देकर राज्य की राजनीति गरमा दी थी। उनकी टिप्पणी पर टीएमसी ने थाने में भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई थी।
विवादित भाषण से संबंधित मामले में मिथुन के खिलाफ मानिकलता पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था। एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर मिथुन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस को मिथुन से पूछताछ करने का निर्देश दिया था। इसी सिलसिले में 16 जून को पुलिस ने उनसे वर्चुअली पूछताछ की थी।
मिथुन ने दिया था ये विवादित बयान
भाजपा में शामिल होते ही मिथुन चक्रवर्ती ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ कड़े तेवर दिखाए थे। चुनावी मंच से उन्होंने कहा था, मैं एक नंबर का कोबरा हूं.. डसूंगा तो तुम फोटो बन जाओगे। उन्होंने कहा कि मैं गरीबों की लड़ाई लड़ना चाहता हूं। मैं राजनीति नहीं, मनुष्य नीति करता हूं।


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