पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने बुधवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के समर्थकों ने उत्तर-पूर्वी कोलकाता के राजरहाट-न्यू टाउन इलाके में उनके साथ धक्का-मुक्की की और वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। मेदिनीपुर से सांसद घोष ने कहा कि घटना दोपहर के समय हुई जब वह भाजपा के जन संपर्क अभियान ”चाय पर चर्चा” के लिये निकले थे। हालांकि टीएमसी ने उनके आरोपों को ”निराधार” बताते हुए खारिज कर दिया।
घोष ने कहा, ”आज दोपहर जब मैं चाय पर चर्चा के हमारे अभियान के तहत स्थानीय लोगों के साथ चाय पीने के लिये बाहर निकला तो टीएमसी के समर्थक वहां आ गए और मुझे गालियां देने लगे। स्थानीय पुलिस को पहले ही से ही इस कार्यक्रम की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये कोई कदम नहीं उठाया।” उन्होंने कहा, ”वैसे तो मैं हर साल घर बदलता हूं, लेकिन जब से राजरघाट रहने आया हूं, तब से टीएमसी के कार्यकर्ता मकान मालिक को धमका रहे हैं।”
इस घटना को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सचिवालय की ओर मार्च किया, लेकिन हुगली नदी पर विद्यासागर सेतू पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मध्य कोलकाता में भी विरोध मार्च निकाला। घोष ने इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस ने कहा है कि मामले को देख रही है। टीएमसी के लोकसभा सांसद सुदीप बंधोपाध्याय ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के आरोपों को ”निराधार” बताकर खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, ”पिछले साल लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही घोष लगातार इस तरह के निराधार आरोप लगाते रहे हैं। टीएमसी हिंसा में विश्वास नहीं रखती।”
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने राज्य में विपक्षी नेताओं पर लगातार हमलों के लिये पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार की आलोचना की।


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