West Bengal SDO Office Fire: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जिले में एसडीओ कार्यालय में आग लगने से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए। पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह मल्लागुड़ी में हिल कार्ट रोड पर सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) के कार्यालय में अचानक आग लग गई। आग लगने से एसडीओ कार्यालय के दो कमरे पूरी तरह जल गए। इन दोनों कमरों में रखे कई कंप्यूटर और सरकारी दस्तावेज भी जलकर खाक हो गए।
SDO Office Fire News: आधी रात को कमरे से निकलते दिखा काला धुआं

जानकारी के अनुसार, आधी रात के कुछ देर बाद, सुरक्षा गार्ड और कुछ स्थानीय लोगों ने एक कमरे से काला धुआं निकलते देखा। सिक्योरिटी गार्ड्स ने तुरंत आग बुझाना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रधान नगर पुलिस स्टेशन और फायर ब्रिगेड को जल्द ही सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दो फायर इंजन मौके पर पहुंच गए।
फायर ब्रिगेड ने कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। हालांकि, आग से हुए नुकसान के बारे में अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। फायर ब्रिगेड के सूत्रों के अनुसार, दोनों कमरों में रखे दस्तावेज आग की लपटों में घिर गए थे। फायर ब्रिगेड और पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।
West Bengal Fire: घटना पर एसडीओ ने क्या बताया?
आग लगने के तुरंत बाद एसडीओ विकास रुहेला भी मौके पर पहुंचे। आग की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी मनीष मिश्रा और पुलिस अधीक्षक प्रवीण प्रकाश भी मौके पर पहुंचे और आग की घटना के बारे में जानकारी ली। सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ने भी घटना के बारे में पूछताछ की।
एसडीओ रुहेला ने कहा कि इस आग की घटना के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। वहीं, सिलीगुड़ी फायर स्टेशन के स्टेशन ऑफिसर धर्मेंद्र कृष्णा रॉय ने कहा, “दो फायर इंजन आए और आग पर काबू पाया। भारी धुएं के कारण हमें बिल्डिंग में घुसने में थोड़ा समय लगा। हालांकि, अब आग पर काबू पा लिया गया है। नुकसान की सीमा और आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी।”
आग की घटना पर उठ रहे सवाल

आग की इस घटना को लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने SIR की प्रक्रिया को रोकने की मांग की थी। पश्चिम बंगाल में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में लगभग 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं।
SIR के दौरान बंगाल में कई गड़बड़ियां भी सामने आई हैं, जैसे कि 85 लाख वोटरों के पिता के नाम में गलतियां और 31 लाख वोटर के रिकॉर्ड मैच नहीं हो पाए हैं। चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को तेज करने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में रोजाना कम से कम 100 मतदाताओं की सुनवाई करने का फैसला किया है। 14 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
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