Chattisgarh News: कौन है वो अवार्ड विनिंग IAS जिसकी सियासी गलियारों में हो रही है चर्चा

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छत्तीसगढ़ (Chattisgarh) में बीजेपी की भारी जीत के बाद अब सब की नजर इस पर है कि छत्तीसगढ़ की गद्दी पर अब कौन शाशन करेगा। इस बार के विधानसभा चुनाव में कई बड़े नेता चर्चा में बने रहे। इन्ही नेताओं में से एक Ex IAS Officer ओपी चौधरी (Om Prakash Chaudhary) भी हैं। राज्य में चुनाव जीतने के बाद अब गृह मंत्री अमिरत शाह ने ओपी चौधरी को दिल्ली बुलाया है। बता दें कि ओपी चौधरी ने इस बार रायगढ़ग से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। सियासी गलियारों में ऐसे कायस लगाए जा रहे हैं कि ओपी चौधरी को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री घोषित किया जा सकता है। हालांकि अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

  • ओपी चौधरी को अमित शाह ने दिल्ली बुलाया
  • रायगढ़ से लड़ा था चुनाव
  • ओपी चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना
  • IAS अधिकारी रह चुके हैं ओपी चौधरी

अगले मुख्यमंत्री ओपी चौधरी ?

ओपी चौधरी ने रविवार को विधानसभा चुनाव में 1 लाख 29 हजार 134 वोट हासिल कर अपनी जीत दर्ज कराई थी, उन्होने कोंग्रस प्रत्याशी शक्रजीत नाईक को 6443 मतों से हराया था। इसके बाद अमित शाह ने उन्हें फोन पर जीत की बधाई दी थी। आज (4 दिसंबर) को अमित शाह ओपी चौधरी से मुलाकात करेंगे। इसी के बाद से सियासी गलियारों में ओपी चौधरी चर्चा का विषय बने हुए हैं। बता दें कि ओपी चौधरी को अमित शाह का बेहद करीबी माना जाता है।

पहले प्रयास में बने IAS अधिकारी

ओपी चौधरी ने पहले प्रयास में UPSC  की परिक्षा पास कर ली थी। वो 22 साल की उम्र में IAS अधिकारी बने। ओपी चौधरी के पिता स्कूल में टीचर थे। जब ओपी दूसरी कक्षा में थे तब उनके पिता की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उन्होने अपनी शुरूआती पढ़ाई अपने गाँव से ही पूरी करी। इसके बाद उन्होने भिलई से अपनी ग्रजुऐशन पूरी करी। ग्रजुऐशन के दौरान ही उन्होने UPSC  की तैयारी शुरू कर दी थी।

कलेक्टर पद पर रहते हुए नक्सल प्रभावी क्षेत्रों में किया काम

ओपी चौधरी 2005 बैच के IAS अधिकारी रहे हैं। अपने 13 साल की सर्विस में उन्होंने राज्य की कई योजनाओं पर काम किया जिसकी राष्ट्रीय स्टार पर खूब तारीफ की गयी। रायपुर के प्रयास स्कूल में ओपी चौधरी अहम भूमिकी निभाई थी जिसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री एक्सेलन्स अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्होंने राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी बहुत काम किया।

रायगढ़ से एक चुनाव हार थे ओपी

साल 2018 में विधानसभा चुनाव से पहले उन्होने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उस साल उन्होने विधानसभा चुनाव में रायगढ़ जिले की खरसिया सीट से चुनाव लड़ा था। उस समय विपक्ष की ओर से  कांग्रेस के दिवंगत नेता नंदकुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल ने चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में ओपी चौधरी को हार का सामना करना पड़ा था।

 

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