वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने आज मिग-21 लड़कू विमान को ‘मिसिंग मेन’ फार्मेशन में उडाकर करगिल के शहीदों को गौरवमयी श्रद्धांजलि दी। वायु सेना के प्रवक्ता के अनुसार एयर चीफ मार्शल धनोआ ने पश्चिमी कमान के प्रमुख एयर मार्शल आर नाम्बियार और दो अन्य पायलटों के साथ पंजाब के भिसिआना वायु सैनिक अड्डे से उडान भरी।
चारों विमानों ने ‘मिसिंग मेन’ फार्मेशन में उडान भरी और दो दशक पहले करगिल में चलाये गये ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान शहीद हुए वायुसैनिकों को श्रद्धांजलि दी। यह ऑपरेशन सीमा पार से आकर करगिल की चोटियों पर कब्जा करने वाले घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए चलाया गया था।
‘मिसिंग मेन’ फार्मेशन में शहीद सैनिक को हवाई सलामी दी जाती है। इस फार्मेशन में दो विमानों के बीच अंतर रखा जाता है जो सैनिक के लापता होने का प्रतीक है। बाद में वायु सेना प्रमुख ने युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। आज से ठीक दो दशक पहले स्क्वाड्रन लीडर अजय आहुजा ने करगलि लड़ई के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था।
उस समय वह 17 स्कवाड्रन के फ्लाइट कमांडर थे। अभियान के दौरान उनका मिग -21 विमान गिर गया था और उन्हें दुश्मन ने पकड़ लिया था। वायु सेना प्रमुख मंगलवार को सरसावा वायु सेना स्टेशन जायेंगे और वहां से एमआई-17 हेलिकॉप्टर में ‘मिसिंग मेन’ फार्मेशन में उडान भरेंगे।
प्रवक्ता ने बताया कि 28 मई 1999 को वायु सेना का एक एमआई-17 हेलिकॉप्टर दुश्मन पर हमले के बाद द्रास सेक्टर में गिर गया था। इस हमले में स्क्वाड्रन लीडर आर पुंधीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलान, सार्जेन्ट आर के साहु और सार्जेन्ट पी वी एनआर प्रसाद शहीद हो गये थे।


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