लुधियाना-अमृतसर : सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब श्री दरबार साहिब श्री गुरूरामदास लंगर हाल में लंगर तैयार करते वक्त लांगरी चरणजीत सिंह उबलते चाशनी के कड़ाहे में गिर गया, जिस कारण 70 फीसदी से ज्यादा वह झुलस गया। मौके पर मौजूद सेवादारों ने काफी जदोजहद के उपरांत उसे कड़ाहे से बाहर निकाला जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इलाज के लिए वह स्वयं चलकर अस्पताल में दाखिल हुआ, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जदोजहद कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब स्थित गुरूरामदास लंगर घर में लांगरी स. चरणजीत सिंह की आयु लगभग 45 साल से ज्यादा है, वह हर रोज की तरह श्री हरिमंदिर साहिब जी के दर्शनों के लिए आएं श्रद्धालुओं के लिए तैयार किए जाने वाले लंगर को तैयार करने के लिए आता है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक आज मीरी-पीरी दिवस के अवसर पर गुरू रामदास लंगर हाल में संगत के लिए बड़े-बड़े कड़ाहों में खीर तैयार की जा रही थी, गुरू घर की खीर के लिए चीनी की चाशनी तैयार की जा रही थी, जिससे उबलते पानी में मैल को उतारते वक्त चरणजीत सिंह का संतुलन बिगड़ गया और वह धड़ाम से खोलते पानी वाले कड़ाहे में जा गिरा। लंगर हाल में सेवा कर रहे एक अन्य सेवादार रंजीत सिंह ने बताया कि कड़ाहे के इर्दगिर्द चिकनाहट होने के कारण चरणजीत सिंह का पैर फिसल गया और वह कड़ाहे में जा गिरा। हालांकि उसे तुरंत बाहर निकाल लिया गया परंतु खीर बनाने वाला कड़ाहा काफी गर्म होने के कारण उसके शरीर का काफी हिस्सा झुलस गया। मौके पर मौजूद सेवादार और श्री दरबार साहिब के मुख्य प्रबंधक और मैनेजरों ने चरणजीत सिंह को इलाज के लिए गुरूरामदास अस्पताल में दाखिल करवाया है।
चरणजीत सिंह के इलाज की देखभाल श्री दरबार साहिब द्वारा की जा रही है। प्रबंधक श्री दरबार साहिब स. सुलखन सिंह भंगाली ने बताया कि शिरेामणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर को जब इस घटना के बारे में बताया गया तो उन्होंने घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि लांगरी के इलाज के लिए किसी किस्म की कमी नहीं आने दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि चरणजीत सिंह को बचाने के लिए हर प्रकार का संभव इलाज किया जाएं। सुलखन सिंह ने यह भी बताया कि सभी प्रबंधक और संगत अरदास करती है कि चरणजीत सिंह स्वस्थ होकर जल्द ही उनके बीच उपस्थित हो।
– सुनीलराय कामरेड


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