पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के आवास का घेराव करने जा रहे शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने मंगलवार को पानी की बौछारें छोड़ी। शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने ‘फतेह किट’ की खरीद में अनियमितता और कोविड-19 रोधी टीके की खुराकों को निजी अस्पतालों को देने सहित कई मुद्दों पर कांग्रेस नीत राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए हाथ मिलाने के शिअद और बसपा ने एकसाथ पहली बार राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बसपा के राज्य अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया सहित अकाली दल के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाली सड़क पर भारी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था और बहुस्तरीय अवरोधक लगाए गए थे।
शिअद और बसपा ने मोहाली के सिसवान स्थित मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने की योजना बनाई थी। शुरुआत में अकाली और बसपा के कई प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता पहले स्तर के अवरोधक लांघकर आगे बढ़े और दूसरे स्तर पर लगे अवरोधक लांघने की कोशिश करने पर पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें छोड़ी। मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतिंदर सिंह भी मौके पर मौजूद थे।
इससे पहले, शिअद के प्रमुख बादल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ‘फतेह किट’ की खरीद में अनियमितता और कोविड-19 रोधी टीके की खुराकों को निजी अस्पतालों को देने सहित कई मुद्दों पर राज्य सरकार पर निशाना साधा था। ‘फतेह किट’ में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए एक पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, फेस मास्क, एक स्टीमर, सैनिटाइजर, विटामिन-सी तथा जिंक की गोलियां और कुछ अन्य दवाएं होती हैं।


Download Android App
Download iOS App



