भगवंत सिंह मान सरकार ने मिशन ‘रंगला पंजाब’ तहत 2.7 लाख दलित विद्यार्थियों को 271 करोड़ का वजीफा बांटा

Summary :

Bhagwant Mann News: जलंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में जहां अनुसूचित जाति (एस.सी.) वर्ग के 2.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को वजीफा वितरण की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ मिशन तहत 271 करोड़ रुपये का पोस्ट-मैट्रिक वजीफा अपने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने प्रतिक सरकार की पहल को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस, अकाली और भाजपा सत्ता में रहते हुए अपने परिवारों के हित पालती रही है जबकि दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी केवल पंजाब के नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर ध्यान दे रही है। 35%…

Bhagwant Mann News: जलंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में जहां अनुसूचित जाति (एस.सी.) वर्ग के 2.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को वजीफा वितरण की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ मिशन तहत 271 करोड़ रुपये का पोस्ट-मैट्रिक वजीफा अपने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने प्रतिक सरकार की पहल को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस, अकाली और भाजपा सत्ता में रहते हुए अपने परिवारों के हित पालती रही है जबकि दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी केवल पंजाब के नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर ध्यान दे रही है।

35% वृद्धि बनी शिक्षा सुधारों की पहचान

साल 2020-21 के मुकाबले लाभार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत वृद्धि होने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वृद्धि सरकार के शिक्षा सुधारों की गवाही देती है। उन्होंने कहा कि स्कॉलरशिप केवल वित्तीय मदद नहीं है बल्कि स्व-निर्भरता का जरिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इस योजना के साथ जान-बूझकर कई साल अनदेखी करते सिस्टम को दुरुस्त करने का बड़ा प्रयास किया है क्योंकि फंड जारी करने में देरी करने और फंडों के दुरुपयोग से विद्यार्थी परीक्षाओं में बैठने से वंचित रह जाते थे।

2.7 लाख विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप से नई उड़ान

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एक्स पर समागम के कुछ अंश सांझा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड जहां अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी गई जिससे राज्य भर के 2.7 लाख से अधिक बच्चों को स्कॉलरशिप वितरण की शुरुआत हुई। इस पहलकदमी का मुख्य उदेश्य यह यकीनी बनाना है कि जरूरतमंद परिवारों के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के योग्य हों।

साल 2020-21 के मुकाबले, 2024-25 में स्कारशिप प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत का वृद्धि हुई है। यह स्कॉलरशिप केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आत्म-निर्भर बनाने का शक्तिशाली साधन है। कोशिश यह यकीनी बनाने की है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे या पैसे की कमी के कारण अपने सपनों को छोड़ने के लिए मजबूर न हो।”

स्कारशिप वितरण समागम में विद्यार्थियों को संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “घपलों से लेकर ‘रंगले पंजाब’ तक, पोस्ट-मैट्रिक वजीफा स्कीम सामाजिक बदलाव का शक्तिशाली संसाधन बन गई है। इस योजना ने अनुसूचित जाति के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान भरने के लिए पंख दिए है जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।” इस मौके पर मौजूद लाभार्थियों ने तालियों की गूंज में स्वागत किया।

भ्रष्टाचार के चलते ठप हुई थी स्कीम, अब सुधार की राह

साल 2017 से 2020 तक के समय को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्कीम लगभग ठप हो गई थी, जिस कारण शिक्षा सस्थाओं ने विद्यार्थियों की डिग्रियां रोक ली थी। मुख्यमंत्री ने कहा, “इस स्कीम तहत एक घोटाला हुआ था और हर पंजाबी इससे बहुत निराश और दुखी हुआ था। इस विभाग के तत्काली मंत्री ने कमजोर वर्गों के बच्चों की शिक्षा के लिए गैर-कानूनी ढंग से पैसा कमाने के लिए अपने ही भाईचारे के साथ धोखा किया।” उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए फंड हड़प लिए गए जिससे उन्हें सही मौकों से वंचित कर दिया गया।

शिक्षा की महत्ता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कमजोर और पिछड़े वर्गों की तकदीर बदलने के लिए शिक्षा ही एक ही जरिया है। बदकिस्मती से सरकारों ने जान-बूझकर इन विद्यार्थियों को लगातार किताबों से दूर रखा। आज हमारी सरकार उन्हें अपने सपने साकार करने और जिंदगी में बुलंदियों को छूने का मौका दे रही है।” मां-बापों को मुबारकबाद देते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी कुर्बानियां और सख्त मेहनत विद्यार्थियों को शिक्षा हासिल करके आगे बढ़ने के लिए सही मायनों में प्रेरणा का स्रोत बने हैं।

सख्त मेहनत से लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने स्टेज से संत राम उदासी की कविता, ‘मघदा रहैं वे सूरजा कम्मियां दे विहड़े’ भी सांझी की। उन्होंने कहा, “यह कविता मेरे दिल के बहुत नजदीक है और लोगों को सदा सख्त मेहनत करने में विश्वास करने के लिए प्रेरित करती है।” उन्होंने नौजवानों को अपनी जिंदगी में लक्ष्य तय करने की अपील करते हुए कहा कि सख्त मेहनत ही इस लक्ष्य को प्राप्त करने का एक ही रास्ता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस समागम का उदेश्य पंजाब के हर कोने में शिक्षा का प्रकाश फैलाना है। उन्होंने कहा, “यह योजना हमारी सरकार की सामाजिक न्याय प्रतिक वचनबद्धता को दर्शाती है और बाबा साहिब अंबेडकर के विश्वास को प्रणाई हुई है कि शिक्षा सामाजिक असमानता को खत्म करने का सबसे शक्तिशाली हथियार है।”

2.5 लाख से कम आमदनी वाले परिवारों के लिए अवसर

इस योजना का विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ने वाले असर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यार्थियों को अपनी किस्मत बदलने और भारत को विश्व स्तर पर अग्रणी बनाने में योगदान दे रही है। उन्होंने कहा, “इसका उदेश्य आर्थिक तौर पर कमजोर अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ना है। यह योजना 2.50 रूपये लाख से कम सालाना आमदनी वाले परिवारों के लिए है और इसे पंजाब भर में पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है।”

बजट बढ़ाकर 271 करोड़ रुपये किया गया

इस योजना की मुख्य विशेषताएं सांझा करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “लाभार्थियों की संख्या में बेमिसाल वृद्धि हुई है। 2020-21 के मुकाबले, 2024-25 में लाभार्थियों में 35 प्रतिशत वृद्धि हुई है।” उन्होंने आगे कहा कि इसके बजट 245 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 271 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे यह बात सामने आई है कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भलाई को यकीनी बनाना पंजाब सरकार का फर्ज है। उन्होंने कहा, “पहली बार, धोखाधड़ी को रोकने के लिए विद्यार्थियों, संस्थाओं के मुखियों और नोडल अफसरों के लिए बायो-प्रमाणिकता अनिवार्य की गई है।”

डा. अंबेडकर स्कॉलरशिप पोर्टल पर जवाबदेही सुनिश्चित

मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. अंबेडकर स्कॉलरशिप पोर्टल पर जवाबदेही वाली व्यवस्था शुरू की गई है। उन्होंने दोहराया कि पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप महज वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह स्व-निर्भरता का रास्ता है। उन्होंने साथ ही कहा कि हम यह यकीनी बनाने के लिए दृढ़ता के साथ वचनबद्ध हैं कि किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे का सपना पैसे की कमी के कारण अधूरा न रहे।
इस पहलकदमी को बाबा साहिब अंबेडकर की विचारधारा से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षा को सबसे ज्यादा पहल दी गई है।

उन्होंने कहा कि कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायती कार्ड, गरीबी या सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता और यह सिर्फ शिक्षा ही है जो जीवन स्तर को ऊंचा चढ़ाकर इस चक्कर को तोड़ सकती है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार आम लोगों को समर्थ बनाने के लिए शिक्षा के स्तर में सुधार करने के लिए अथक यत्न कर रही है।

सरकारी स्कूल बने आधुनिक शिक्षा मंदिर

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उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार एक ही समय शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों को पुनसुर्जित कर रही है, जिस तहत स्मार्ट क्लास रूम, आधुनिक लैबोरेटरी और खेल मैदानों से लैस स्कूल ऑफ एमीनेन्स स्थापित किए गए हैं। अध्यापकों और प्रिंसिपलों को आधुनिक विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है ताकि वे विद्यार्थियों को विश्व स्तर पर मुकाबले के लिए तैयार कर सकें।

मुख्यमंत्री मान ने सांझा किया कि पंजाब के ‘नेशनल अचीवमेंट सर्वे’ में केरल को भी पछाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल आधुनिक युग के शिक्षा मंदिर बन गए हैं, जो लगातार विद्यार्थियों की जिंदगी को रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा विद्यार्थियों को हथियारबंद सैनाओं में भर्ती परीक्षाओं की तैयारी और नीट, जे.ई.ई., सी.एल.ई.टी. (क्लैट) और एन.आई.एफ.टी. जैसे मुकाबले की परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन्स, जे.ई.ई. एडवांस्ड और नीट के लिए क्वालीफाई किया है।

पंजाब बना पहला राज्य: सभी को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा

स्वास्थ्य संभाल सुधारों का हवाला देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों समेत पंजाब के सारे 65 लाख परिवारों को बिना किसी आमदनी की शर्त के 10 लाख रुपये तक का नकदी रहित इलाज प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सभी नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य संभाल सेवाएं प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि 881 आम आदमी क्लीनिक रोजाना मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में 63,027 सरकारी नौकरियां पारदर्शी ढंग से बिना रिश्वत या सिफारिश के दी गई है। उन्होंने कहा कि साल 2022 से 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और यह पहली बार हुआ है जब किसानों को धान के सीजन दौरान दिन में आठ घंटे से अधिक निर्विघ्न बिजली मिल रही है।

श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व की तैयारियां शुरू

मुख्यमंत्री ने कहा कि 18,349 खालों के 6,900 किलोमीटर हिस्से को पुनसुर्जित किया गया है ताकि पानी को टेलों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व को मनाने से बाद पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी कर रही है, जिसमें राज्य भर में अलग-अलग प्रोग्रामों की योजना बनाई जाएगी।
रिवायती सियासी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पार्टियां इस सच को हजम नहीं कर पा रही हैं कि एक आम परिवार से संबंधित व्यक्ति पंजाब का शासन इतने अच्छे ढंग से कैसे चला रहा है।

उन्होंने कहा कि इन पार्टियों की लोक विरोधी और पंजाब विरोधी सोच के कारण लोगों का इनसे विश्वास उठ गया है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के नेता पंजाब और इसके लोगों से ज्यादा अपने परिवारों को पहल देते आए हैं, जिस कारण लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और डा. बलजीत कौर ने भी लोगों को संबोधित किया।

लाभार्थी विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री की पहल के लिए धन्यवाद किया

इस मौके पर लाभार्थी विद्यार्थियों ने भावुकता के साथ अपने अनुभव भी सांझे किए, जिसमें एम.बी.बी.एस. कर रहे दिलप्रीत सिंह ने उसे डा. दिलप्रीत में बदलने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह पंजाब सरकार का इतना ज्यादा शुक्रगुजार है कि उसके पास धन्यवाद के लिए शब्द भी कम पढ़ रहे हैं। बी.ए. एल.एल.बी. की विद्यार्थी हरशिता ने कहा कि इस स्कीम ने उनके सपनों को हकीकत में बदल दिया है और साबित कर दिया है कि आप सरकार अपने वादों पर खरी उतरी है।

सुरसंगम कौर ने कहा कि स्कॉलरशिप ने उन्हें बुलंदियां छूने के लिए उड़ान भरने के लिए पंख दिए है जबकि लैमरिन स्किल यूनिवर्सिटी के दिलप्रीत सिंह ने कहा कि उसके परिवार की कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण इस स्कीम ने उसकी जिंदगी बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई है। गरीब विद्यार्थियों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री की इस नेक पहल के लिए धन्यवाद करते हुए डी.आई.पी.एस. कॉलेज, ढिल्लवां से नवांश सिद्धू ने कहा कि वह आम परिवार से संबंध रखता है और इस पहलकदमी ने उसके सपने पूरे करने में हर प्रकार से मदद की है।

इस मौके कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और मोहिंदर भगत, लोकसभा सदस्य राज कुमार चब्बेवाल, राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल, विधायक बलकार सिंह, पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन पवन टीनू, पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी कमीशन के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल सहित अन्य प्रमुख शख्सियतें मौजूद थी।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।