जालंधर : नीले कार्ड धारकों की वेरिफिकेशन के मामले में एक बार फिर सरकार ने अपना फैसला बदला है। जिले में लगभग 1.&6 लाख नीले कार्ड धारकों में कितने असली हैं, कितने सिफारिशी इसका पता अगले महीने तक चल जाएगा। सरकार ने नीले कार्ड धारकों की वेरीफिकेशन के निर्देश दिए हैं। इससे पहले भी नीले कार्डो की वेरीफि केशन 15 मई तक कराने का सरकार ने फैसला लिया था, लेकिन बाद में ये कहकर रोक दिया था कि केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए एक ही सर्वे होगा, जिसमें नीले कार्ड, पेंशन, आवासीय योजना से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियां जुटाई जाएंगी। मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर ने जिले भर के सभी एसडीएम की बैठक में नीले कार्डो व पेंशन के लिए दो अलग-अलग वेरीफिकेशन करने का निर्देश जारी करते हुए हिदायत दी है कि वेरीफिकेशन में पूरी ईमानदारी बरती जाए। किसी प्रकार की त्रुटि न हो। गौर हो कि दैनिक जागरण ने 21 अप्रैल के अंक में नीले कार्ड के नाम पर बड़े पैमाने पर हुए फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया था। इसके बाद सरकार ने राज्य भर में नीले कार्डो के वेरिफिकेश का फैसला लिया था। जिले में कुल 1.&6 लाख नीले कार्ड बने हुए हैं। हर कार्ड धारक का वेरिफिकेश होगा। वेरिफिकेश में नीले कार्ड धारकों की वास्तविक स्थिति का पता किया जाएगा कि वे पक्के मकान के मालिक तो नहीं हैं, गाड़ी, एसी, फ्रिज, टीवी तो नहीं है। वेरीफिकेशन की जिम्मेदारी एसडीएम्स को सौंपी गई है।
– अश्विनी ठाकुर


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