चंडीगढ़ : पंजाब के मोहाली जिले में शनिवार को एक भूखंड पर खुदाई कार्य के दौरान उससे लगी तीन मंजिला इमारत के ढह जाने से कई लोग मलबे में फंस गये। अधिकारियों ने बताया कि यहां से 20 किलोमीटर की दूरी पर खरड़-लांदरां मार्ग पर हुई इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दे दिया गया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने हादसे पर दुख प्रकट किया और कहा कि उन्होंने मोहाली के उपायुक्त से विस्तृति रिपोर्ट मांगी है।
खरड़ के उपसंभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) हिमांशु जैन ने कहा, ‘‘ यह वाणिज्यिक इमारत उस वक्त ढह गई, जब एक जेसीबी मशीन पास के एक भूखंड पर मकान का नींव डालने के लिए खुदाई कर रही थी।’’ उन्होंने बताया कि दो व्यक्तियों को बचाकर बाहर निकाला गया और उनमें से एक को एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, उसके हाथ में चोट लगी है। उन्होंने बताया कि मलबे में फंसे जेसीबी मशीन के चालक समेत दो व्यक्ति अपने मोबाइल फोन के जरिए बचावकर्मियों के संपर्क में हैं, बचावकर्मी उन तक पहुंचने के करीब हैं।
अधिकारियों ने कहा कि हो सकता है कि खुदाई के दौरान इस इमारत की नींव को जेसीबी से नुकसान पहुंचा हो, लेकिन इस घटना की सटीक वजह जांच के बाद ही पता चल पाएगी। एसडीएम ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 30 सदस्यीय टीम बचाव अभियान में जुटी हुई है तथा लुधियाना से भी एनडीआरएफ की एक और टीम बुलायी गयी है। पुलिस, नागरिक प्रशासन और कुछ एनजीओ के सदस्य भी बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि मलबे में फंसे व्यक्तियों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं हो पायी है।
उन्होंने कहा, ‘‘ खोजी कुत्तों को फंसे हुए लोगों का पता लगाने के काम में लगाया गया है। मोहाली के उपायुक्त गिरीश दयलान ने कहा कि खरड़ के एसडीएम को इस घटना की जांच करने और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। दयलान ने कहा, ‘‘ यह कैसे हुआ, क्या उनके पास ऐसा करने के लिए जरूरी अनुमति थी, यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा।’’ उपायुक्त ने कहा कि जरूरत की स्थिति में बचाव में मदद पहुंचाने के लिए सेना को भी तैयार रखा गया है। जरूरी मशीन एवं उपकरण बचाव अभियान में लगाये गये हैं।


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