लुधियाना-अमृतसर : पंजाब सरकार की ओर से 12वी के विषय पर प्रिंट की गई किताबें वापिस लिए जाने के बावजूद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिह बादल ने कैप्टन अमरेंद्र सिंह को घेरते हुए कहा कि पाठ्य पुस्तकों में सिख इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की गलती स्वीकार करते हुए जब तक पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर क्षमा नहीं मांगते तब तक अकाली दल का अंदोलन जारी रहेगा।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल अकाली दल की ओर से पाठ्य पुस्तकों में सिख गुरुओं के इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश करने के खिलाफ शुरू किए गए धरने के दूसरे दिन मीडिया के साथ बातचीत कर रहे थे। अमृतसर के टाउन हाल में 24 घंटों तक धरने पर बैठने के बाद सुखबीर सुबह करीब दस बजे धरने से उठ गए। उनकी जगह पर आगे के 24 घंटों के लिए धरने पर बैठने के लिए एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल पहुंच गए। इस से पहले लोगोंवाल ने एसजीपीसी के सदस्यों, कर्मचारियों और पदाधिकारियों के साथ श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास की। इस के बाद वह एसजीपीसी कर्मचारियों के साथ धरना स्थल पर धरना देने के लिए पहुंच गए।
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सुखबीर बादल ने धरने से उठते समय कहा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार को किसी भी कीमत पर सिख विरोधी साजिशों को लागू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अकाली दल की ओर से अभी तक 48 घंटों के लिए सिर्फ संकेत धरना दिया गया है। यह आंदोलन बंद नहीं हुआ है। आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्यमंत्री इस अपनी गलती स्वीकार करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर क्षमा नहीं मांगते।
इतिहास की पुस्तकों में गलत पाठ्यक्रम को दर्ज करने वाली कमेटी के सभी सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती और पंजाब के शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन को पदों से नहीं हटाया जाता तब तक यह आंदोलन जारी हरेगा। उनको कहा कि अकाली दल सरकार को दो दिन का समय देता है अगर उनकी यह सभी मांगों पर कार्रवाई पंजाब सरकार ने न की तो इस आंदोलन को और धार दे दी जाएगी।
सुखबीर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही सिखों के खिलाफ साजिशें करती रही है।कभी सिखों के धार्मिक स्थानों पर हमला किया जाता है। कभी सिखों का कत्लेआम किया जाता है। कभी सिखों के इतिहास और गुरु साहिब के साथ संबंधित इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाता है। ताकि सिखों की आने वाली पीढियों को सही गुरु इतिहास से दूर किया जाए।
कांग्रेस सरकार सिखों की दुश्मन जमात है। सिखों पर जितने भी अत्याचार हुए है वह सभी कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल के दौरान हुए है। अब सिख इस तरह के कांग्रेस के हमले ओर अधिक सहन नहीं करेगा। इस अवसर उपर उनके साथ एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोगोवाल, बिक्रम सिह मजीठिया, गुलजार सिंह रणीके, विरसा सिंह वल्टोहा, कर्ण काहलों, प्रो सरचांद सिंह आदि भी मौजूद थे।
– सुनीलराय कामरेड


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